J&K: गुपकार गठबंधन में कांग्रेस की भी हुई एंट्री, DDC चुनाव साथ लड़ने का ऐलान
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी समेत मुख्यधारा की पार्टियों के गुपकार गठबंधन में कांग्रेस की एंट्री भी हो गई है। हाल ही में होने वाले जिला विकास परिषद (Distict Development Council) का चुनाव गुपकार में शामिल पार्टियों के साथ लड़ने का ऐलान किया है। जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने इस बारे में जानकारी दी है।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मीर ने कहा नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी और अन्य दलों का गठबंधन डीडीसी चुनावों में हिस्सा लेगा। इस चुनाव में हम ऐसी ताकतों को हराने की कोशिश करेंगे जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में जबरन ऐसे अधिनियम और कानून थोपे हैं जो यहां की जनता के हित में नहीं है।
इसी महीने होंगे डीडीसी चुनाव
7 नवम्बर को गुपकार गठबंधन के सदस्यों ने ऐलान किया था कि सभी प्रमुख पार्टियां एकजुट होकर जिला विकास समिति (डीडीसी) के चुनावों में हिस्सा लेंगी। पीपल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेयरेशन (PGAD) के प्रवक्ता सज्जाद लोन ने जानकारी देते हुए कहा था कि गठबंधन की जम्मू में हुई बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया है। सभी पार्टियां एकजुट होकर डीडीसी के चुनाव में हिस्सा लेंगी।
बाद में गुपकार गठबंधन के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में कांग्रेस भी गुपकार गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगी। जम्मू कश्मीर का दर्जा बदलने के बाद पहली बार इस केंद्र शासित प्रदेश में डीडीसी के चुनाव 29 नवम्बर से होने जा रहे हैं। 8 चरणों में होने वाले इस चुनाव का आखिरी चरण का मतदान 19 दिसम्बर को होगा।
क्या है गुपकार गठबंधन ?
फारूख अब्दुल्ला ने 15 अक्टूबर को पीपल्स एलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेक्शन (PGDA) की घोषणा की थी। दरसल जम्मू-कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा खत्म किए जाने से एक दिन पहले 4 अगस्त 2019 को बीजेपी को छोड़कर राज्य की सभी प्रमुख पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूख अब्दुल्ला के गुपकार रोड स्थित आवास पर मिली थी। यहां संयुक्त बयान में सभी ने राज्य को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 की सुरक्षा के लिए एकजुट होने की बात कही थी। इसी संयुक्त बयान को गुपकार घोषणा कहा गया।
हालांकि एक दिन बाद ही सरकार ने धारा 370 को खत्म करते हुए राज्य को दो केंद्र शासित हिस्सों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। एक साल बाद 5 अगस्त 2020 को जम्मू-कश्मीर की 6 प्रमुख पार्टियां एक बार फिर से मिलीं और गुपकार घोषणा पर हस्ताक्षर किए। 15 अक्टूबर को PAGA की घोषणा करते हुए फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि "हम राज्य का 5 अगस्त 2019 का दर्जा बहाल करने के लिए लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि राज्य के इस राजनीतिक मुद्दे का बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से जल्द से जल्द हल चाहते हैं जिसमें सभी पक्ष शामिल हों।"












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