जामिया फायरिंग पर बोले यूपी के पूर्व डीजीपी, मैं होता तो हमलावर को गोली मार देता
जामिया फायरिंग पर यूपी के पूर्व डीजीपी, मैं होता को हमलावर को गोली मार देता
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी ने दिल्ली के जामिया नगर में हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया है। सिंह ने कहा कि अगर मैं जामिया पर ड्यूटी कर रहा होता तो गोली चला रहे युवक को घुटनों पर गोली चला देता। इससे वो गिर जाता और उस पर काबू पाया जा सकता था। इससे वो किसी और को नुकसान नहीं पहुंचाता।
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जांच हो, उसके पास हथियार कहां से आया
इंडिया टुडे से बातचीत में पूर्व यूपी डीजीपी ने कहा, मुझे दिल्ली पुलिस से बहुत उम्मीदें थीं। शूटर ने पुलिस को कम से कम 20 सेकंड का मौका दिया। उसने अपने हथियार लहराए और नारे लगाए। उसे पुलिस काबू कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस इस तरह का रवैया दिखाएगी तो ऐसे मामले फिर से पेश आ सकते हैं। सिंह ने कहा कि घटना की जांच की जाए, आखिर कैसे इस लड़के को इतनी हिम्मत आई और किसने उसके दिमाग में जहर भरा। साथ ही ये भी जांच हो कि उसके पास हथियार कहां से आया।

सीएए के खिलाफ मार्च के दौरान चलाई गोली, छात्र को लगी
गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जामिया मिलिया के छात्र मार्च निकाल रहे थे। छात्रों का यह मार्च राजघाट तक जाना था। छात्र कॉलेज के सामने जुटे ही थे कि गोपाल नाम का युवक शख्स हाथ में तमंचा लहराते हुए आया और गोली चला दी। गोली एक छात्र को लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फेसबुक पर पहले ही लिखी थी जामिया जाने की बात
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग करने वाले युवक का नाम गोपाल है और जेवर का रहने वाला बताया गया है। ये तमंचा लहराता हुए जब फायरिंग कर रहा था। तो कट्टा लहराते हुए चिल्लाया- मैं हूं राम भक्त गोपाल, आओ तुम्हें देता हूं आजादी। बताओ किसे चाहिए आजादी। इसके फेसबुक पर- शाहीन बाग खेल खत्म और चंदन भाई ये आपका बदला है जैसे पोस्ट हैं। इसने एक पोस्ट में ये भी लिखा है कि अंतिम यात्रा में मुझे भगवा में ले जाए।












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