उद्धव ठाकरे के इस्तीफे को लेकर ट्विटर पर भिड़े कांग्रेस के 2 बड़े नेता, जानिए क्या है पूरा विवाद
नई दिल्ली, जून 22। महाराष्ट्र में आए सियासी संकट पर आचार्य प्रमोद कृष्णम के ट्वीट से कांग्रेस पार्टी ने किनारा कर लिया है। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक ट्वीट कर कहा है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के ऑफिशियल प्रवक्ता नहीं हैं और ना ही कांग्रेस पार्टी के ऐसे विचार हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस के नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक ट्वीट के जरिए महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की मांग कर डाली थी। आचार्य के इस ट्वीट के बाद से कांग्रेस पार्टी सवालों के घेरे में आ गई, जिसके बाद जयराम रमेश को इस पूरे मामले पर सफाई देनी पड़ी।

आचार्य प्रमोद कृष्णम और जयराम रमेश में भिड़ंत
जयराम रमेश के ट्वीट के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी करारा जवाब दिया है। जयराम रमेश के ट्वीट को कोट करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है, "अधिकृत तो "टेम्प्रेरी" होता है प्रभु, मैं तो "परमानेंट" हूँ, फिर भी आपको कोई दिक़्क़त है तो "जयराम" जी की।" आचार्य के इस ट्वीट से ऐसा प्रतीत होता है कि कांग्रेस के दो बड़े नेता ट्विटर पर आपस में भिड़ गए हैं। साथ ही ऐसी अटकलें लगना शुरू हो गई हैं कि क्या आचार्य प्रमोद कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले हैं?

क्या कहा था आचार्य प्रमोद कृष्णम ने?
दरअसल, महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक ट्वीट के जरिए उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की मांग कर डाली थी। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था, सत्ता को "ठोकर" पे मारने वाले स्व. बाला साहब ठाकरे की विरासत का सम्मान करते हुए उद्धव ठाकरे जी को मराठा "गौरव" की रक्षा करने हेतु नैतिक मूल्यों का निर्वहन करते हुए "मुख्यमंत्री" के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और इस काम में जरा भी विलंब नहीं करना चाहिए।"

क्या हुआ है महाराष्ट्र में?
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना के एकनाथ शिंदे करीब 35-40 विधायकों को लेकर बागी हो गए हैं। एकनाथ शिंदे ने दावा किया है कि उनके पास 46 विधायकों का समर्थन है। सभी विधायक गुवाहटी के एक होटल में रह रहे हैं। ऐसे में महाविकास अघाडी की सरकार अल्पमत में आ गई है और अगर बहुमत नहीं रहता है तो उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।












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