'Sengol ब्रिटिश सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक का कोई लिखित प्रमाण नहीं', जयराम रमेश बोले- मोदी सरकार फैला रही झूठ
Jairam Ramesh on Sengol: जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि Sengol ब्रिटिश सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक नहीं है। इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है। मोदी सरकार व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से फैक्ट्स ले रही है।

Jairam Ramesh on Sengol: नए संसद भवन का उद्घाटन रविवार यानी 28 मई को किया जाएगा। इसको लेकर राजनीति अभी तक गरमाई हुई है। 20 से अधिक विपक्षी पार्टियों ने इसे बहिष्कार करने का फैसला लिया है। इस बीच बहस का एक और नया मुद्दा सामने आ गया है। अब नए संसद भवन में स्थापित होने वाले सेंगोल को लेकर बहस शुरू हो गया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सेंगोल के तथ्य को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से ज्ञान लेकर बिना तथ्य के परोसा जा रहा है। कहा कि सेंगोल के बारे में जो जानकारियां और दावे किए जा रहे हैं, वो पूरी तरह से गलत है।
जयराम रमेश ने कहा कि सेंगोल को तत्कालीन मद्रास में बनाया गया था। इसके बाद इस सेंगोल को अगस्त 1947 में तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू को सौंपा गया था। लेकिन इस बात का कोई लिखित प्रमाण (documented evidence) नहीं है कि, माउंटबेटन, राजाजी और नेहरू इस राजदंड (सेंगोल) को भारत में ब्रिटिश सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक बताया हो। उन्होंने कहा कि केंद्र के सारे दावे गलत और बोगस हैं। लगता है यह ज्ञान व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से लिया गया है।
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उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से लिए गए फैक्ट्स के आधार पर नए संसद को अपवित्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे एक बार फिर बीजेपी और आरएसएस के ढोंगियों का पर्दाफाश हो गया है।
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