Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

सलमान, शाहरुख और जाट आरक्षण: जगदीप धनखड़ की वकालत के 5 चर्चित केस, जब कोर्ट में दिखा उनका दमदार रूप

Jagdeep Dhankhar Legal Career: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ न सिर्फ एक अनुभवी राजनेता रहे हैं, बल्कि एक शानदार वकील के तौर पर भी उन्होंने देश की अदालतों में कई हाई-प्रोफाइल और जटिल मामलों की पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में उनकी कानूनी दलीलों ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। इस लेख में हम उनके 5 चर्चित और अहम कानूनी मामलों के बारे में जानेंगे, जिन्होंने उन्हें वकील के रूप में खास पहचान दिलाई।

जगदीप धनखड़ का जन्म 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना गांव में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से पूरी की और बाद में घरधाना के सरकारी मिडिल स्कूल में दाखिला लिया। 1962 में उन्हें स्कॉलरशिप मिली और वे चित्तौड़गढ़ सैनिक स्कूल में पढ़ने चले गए। इसके बाद उन्होंने जयपुर के महाराजा कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स में बीएससी की डिग्री हासिल की और फिर राजस्थान विश्वविद्यालय से 1978-79 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।

Jagdeep Dhankhar Legal Career

धनखड़ ने नवंबर 1979 में राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य के रूप में अपनी वकालत की शुरुआत की। मार्च 1990 में उन्हें राजस्थान हाई कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट में भी नियमित रूप से प्रैक्टिस करते रहे। उनके मुकदमों का दायरा इस्पात, कोयला, खनन और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता जैसे जटिल क्षेत्रों तक फैला रहा।

जगदीप धनखड़ के वो 5 मशहूर केस, जो उन्होंने एक वकील के तौर पर लड़े

🔴 1. सतलुज जल विवाद में हरियाणा का पक्ष रखा

साल 2016 में, जब सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा में विवाद गहराया, तब हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपने पक्ष के लिए जगदीप धनखड़ को वकील नियुक्त किया। उन्होंने कोर्ट में ठोस तर्कों के साथ हरियाणा के जल अधिकारों की वकालत की और इस केस में उनकी पैरवी को काफी सराहा गया।

🔴 2. सलमान खान को काला हिरण मामले में दिलाई जमानत

अप्रैल 2018 को जब जोधपुर कोर्ट ने अभिनेता सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में 5 साल की सजा सुनाई, तब पूरे देश की निगाहें इस केस पर टिकी थीं। सलमान की ओर से कोर्ट में पेश हुए जगदीप धनखड़ ने प्रभावशाली कानूनी दलीलें दीं और सलमान को जमानत दिला दी। उन्होंने न केवल सबूतों की वैधता पर सवाल उठाए, बल्कि सलमान के जेल में रहने से जुड़ी सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को भी कोर्ट के सामने रखा।

🔴 3. जाट आरक्षण केस: 10 दिन तक कोर्ट में लड़ी कानूनी जंग

1999 में जब जाट समुदाय के ओबीसी आरक्षण को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, तब जगदीप धनखड़ इस केस के सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरे। उन्होंने 10 दिन तक लगातार कोर्ट में पैरवी की, हर याचिका का ठोस जवाब दिया, और जाट समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके बाद हाई कोर्ट ने जाट आरक्षण को बरकरार रखा। आज भी जाट समाज उन्हें इस लड़ाई के नायक के रूप में याद करता है।

🔴 4. शाहरुख खान के पक्ष में लड़े मानहानि का केस

1997 में एक दिलचस्प कानूनी मामला सामने आया, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान पर फिल्म 'राम जाने' में वकीलों को लेकर आपत्तिजनक डायलॉग इस्तेमाल करने का आरोप लगा। इस केस में जगदीप धनखड़ शाहरुख की ओर से अदालत में पेश हुए और उन्हें कानूनी सुरक्षा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

🔴 5. ललित मोदी की ओर से पैरवी की

2000 के दशक के अंत में, आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी पर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में धनखड़ ने ललित मोदी का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ ललित मोदी की कानूनी टीम में बांसुरी स्वराज (दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी) भी शामिल थीं। इस केस में धनखड़ की रणनीति और कानूनी पकड़ ने सबका ध्यान खींचा।

जगदीप धनखड़ का जीवन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा। एक वकील के तौर पर उनकी गहरी समझ, मजबूत दलीलें और कठिन केसों में साहसिक पैरवी ने उन्हें भारतीय न्यायिक व्यवस्था में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया। चाहे जल विवाद हो, आरक्षण की लड़ाई या बॉलीवुड से जुड़े हाई-प्रोफाइल केस-धनखड़ ने हर मोर्चे पर अपनी वकालत का लोहा मनवाया।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+