आर्टिकल-370 हटने के चलते J&K के लोगों को पहली बार मिलेगा इतना बड़ा फायदा

नई दिल्ली। बॉलीवुड से राजनीति में एंट्री करने वाली उर्मिला मातोंडकर ने महज पांच महीने के भीतर ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा कि मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से नाराज होकर उर्मिला ने ये फैसला लिया है। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक और सामाजिक संवेदनाएं बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए हैं, लेकिन मुंबई कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति के कारण मैं ऐसा कर नहीं पा रही हूं। वहीं उर्मिला मातोंडकर के इस्तीफे के बाद कभी कांग्रेस की प्रवक्ता रहीं और वर्तमान में शिवसेना की दिग्गज नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक ट्वीट किया है। उन्होंने इस ट्वीट में सीधे तौर पर उर्मिला को लेकर कुछ नहीं कहा, हालांकि, उनका ट्वीट सोशल मीडिया वायरल जरूर हो गया है।

सेब उत्पादकों को बड़ा तोहफा

सेब उत्पादकों को बड़ा तोहफा

मंगलवार को सरकार ने ऐलान किया कि जम्मू-कश्मीर के लिए लागू नई सेब खरीद योजना के तहत नेफेड राज्य सरकार की ओर से तय एजेंसियों से सेब खरीद का काम 15 दिसंबर तक पूरा कर लेगा। यह फैसला पिछले हफ्ते गृहमंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया है। दरअसल सेब उत्पादकों के प्रतिनिधियों ने आर्टिकल-370 खत्म होने के बाद आतंकियों की ओर से उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर गृहमंत्री के सामने काफी चिंता जताई थी। आतंकवादियों की ओर से उन्हें लगातार धमकाया जा रहा था कि उन्हें अपने उत्पादों को बाजार में नहीं बेचना है। इन धमकियों से कश्मीर घाटी के सेब उत्पादक बहुत ज्यादा परेशान थे।

 बिचौलियों से छुटकारा

बिचौलियों से छुटकारा

केंद्र सरकार ने राज्य के किसानों को पूरा भरोसा दिलाया है कि राज्य सरकार इस मसले पर संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है और उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं का भी लाभ मिल सकेगा। नई सेब खरीद योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के असल सेब उत्पादकों से सीधे सेब की खरीद की जाएगी। सेब खरीदने के साथ ही राज्य सरकार सेब उत्पादकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए उनके बैंक एकाउंट में सीधे पैसे डाल देगी। यानि उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए अब किसी बिचौलिये के चक्कर में नहीं फंसना पड़ेगा। नई योजना के तहत सारे सेब उत्पादक जिलों के अलावा सोपोर, शोपियां और श्रीनगर की सेब मंडियों से सभी श्रेणियों की सेब की खरीदी की जाएगी। इसके चलते सेब उत्पादकों को पहले से ज्यादा कमाई होने की भी उम्मीद है। क्योंकि, सरकारी दर मिलने से सेब उत्पादकों को उनके फसल के ज्यादा दाम मिल सकेंगे।

दहशत मचाने की कोशिश कर रहे थे आतंकी

दहशत मचाने की कोशिश कर रहे थे आतंकी

गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों और कारोबारियों में दहशत मचाने की कोशिश की थी। इस घटना में दो आतंकिवादियों ने सोपोर एक मशहूर सेब कारोबारी हमीदुल्ला राथर के परिवार वालों पर जानलेवा हमला किया था। इस घटना में तीन लोग जख्मी हो गए थे, जिनमें उनका बेटा और ढाई साल की उनकी पोती भी शामिल है। बाद में उस घायल बच्ची को एनएसए अजित डोवाल के निर्देश पर इलाज के लिए सोपोर से दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उस घटना के एक दिन बाद ही डोवाल ने जानकारी दी थी कि घाटी से रोजाना सेब से भरे 750 ट्रक देश के दूसरे हिस्सों में भेजे जा रहे हैं। बता दें कि सेब के इसी सामान्य कारोबार को रोकने के लिए आतंकवादियों ने उस बड़े सेब कारोबारी के परिवार को निशाना बनाया था।

लश्कर के 8 आतंकी गिरफ्तार

लश्कर के 8 आतंकी गिरफ्तार

इस बीच मंगलवार को प्रदेश में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली जब उसने कारोबारियों समेत जम्मू-कश्मीर के आम लोगों को सामान्य गतिविधि में शामिल होने से डराने-धमकाने के आरोप में लश्कर-ए-तैयबा के 8 आतंकवादियों को धर-दबोचा। ये आतंकवादी घाटी में जगह-जगह पोस्टर लगाकर कारोबारियों और सामान्य नागरिकों को वहां किसी भी सूरत में हालात सामान्य नहीं होने देने के लिए चेतावनियां दे रहे थे। गौरतलब है कि आतंकवादी सोपोर के सेब कारोबारी पर हमला करने के अलावा श्रीनगर में एक ग्रॉसरी शॉप मालिक की भी हत्या कर चुके हैं। उन्होंने श्रीनगर के एक और व्यवसायी को दुकान खोलने पर उनके बेटे की हत्या करने की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को लश्कर के जिन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें ऐजाज मीर, उमर मीर, तौसीफ नजर, इम्तियाज नजर, उमर अकबर, फैजान लतीफ, दानिश हबीब और शौकत अहमद मीर शामिल हैं। पाकिस्तान से इनके आकाओं ने इन्हें घाटी में किसी भी हालात में स्थिति सामान्य नहीं होने देने की हिदायत दे रखी थी। ये आठों आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने तीन हैंडलर्स सज्जाद उर्फ हैदर, आसिफ मकबूल भट्ट और मुदासिर पंडित के संपर्क में थे। इनके पास से कंप्यूटर और पोस्टर बनाने के साजो-सामान भी बरामद हुए हैं।

इसे भी पढ़ें- जम्‍मू कश्‍मीर: सोपोर में मारा गया लश्‍कर का टॉप आतंकी आसिफ

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