ISRO Sun Mission: 378 करोड़ की लागत से तैयार आदित्य एल1 कितने दिन तक करेगा काम?

हाल ही में चंद्रयान-3 को चांद की सतह पर लैंड करवाकर इसरो ने नया कीर्तिमान रचा। अब वो सूर्य पर एक मिशन लॉन्च करने जा रहा, जिसका नाम आदित्य एल1 है। ये यान 2 सितंबर की सुबह लॉन्च किया जाएगा।

वहीं चंद्रयान-3 मिशन में जो रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है, वो कुल 14 दिनों तक काम करेगा। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा कि आदित्य एल1 मिशन कितने दिनों का है?

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वैज्ञानिकों के मुताबिक आदित्य-एल1 को लैग्रेंज बिंदु के चारों ओर एक कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जिसे एल1 भी कहा जाता है। ये सूर्य-पृथ्वी के बीच एक बिंदु है, जहां दोनों तरफ से गुरुत्वाकर्षण प्रभाव एक-दूसरे को खत्म कर देते हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक आदित्य यान1 करीब चार महीने में 15 लाख किमी की यात्रा करेगा। इसके बाद वो एल1 पर स्थापित हो जाएगा। इसमें 7 पेलोड लगाए गए हैं, जो सूर्य का अध्ययन करेंगे। अगर सब कुछ सही रहा, तो ये यान 5 साल तक डेटा इकट्ठा करके इसरो को भेजेगा।

मामले में एक एक्सपर्ट ने कहा कि स्पेस मिशन की आयु की भविष्यवाणी बहुत जटिल काम है। आदित्य को ऐसे डिजाइन किया गया है कि वो 5 साल तक काम कर सके। हालांकि ये उसके बाद भी एक्टिव रह सकता है। ये सब एल1 के हालात पर निर्भर करेगा।

कितनी आई लागत?
इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन पर 600 करोड़ खर्च किए थे, लेकिन आदित्य एल1 काफी किफायती है। ये चंद्रयान-3 की आधी लागत पर बना है। वैसे तो अभी तक आधिकारिक तौर पर इसरो ने इस मिशन की कॉस्ट नहीं बताई है, लेकिन इसके लिए 378 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे।

भारत में ही बने हैं पेलोड
इस मिशन में पेलोड सबसे अहम हैं। इसरो के मुताबिक उसने अलग-अलग संस्थानों के साथ मिलकर 7 पेलोड को बनाया है। ये सभी पूरी तरह से भारत में निर्मित हैं। इनकी मदद से सूर्य की संरचना, उसकी बाहरी परत, सौर तूफान और सूर्य से निकलने वाली अन्य किरणों के बारे में जानकारी हासिल होगी।

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