अब मुसलमान ही नहीं हिंदु भी आकर्षित हो रहे हैं आईएसआईएस के लिए
नई दिल्ली। सोमवार की सुबह जैसे ही यह खबर आई कि राजधानी दिल्ली में रहने वाले एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल की बेटी आईएसआईएस में जाने को बेकरार है तो सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गईं। अभी तक इस आतंकी संगठन की नजरें मुसलमान युवाओं पर थी जिन्हें बहला-फुसलाकर वह अपने साथ मिला रहा था। लेकिन अब संगठन ने अपनी रणनीति बदल डाली है।
अब संगठन की नजरें हिंदुओं और दूसरे धर्मों के लोगों पर लग गई है। दिल्ली का प्रकरण इस बात का साफ उदाहरण है जहां पर 25 वर्ष की अच्छी शिक्षा प्राप्त एक लड़की इस संगठन में शामिल होने को बेकरार है।
बौद्ध धर्म का नील ऑस्ट्रेलिया में आईएसआईएस का रिक्रूटर
ऑस्ट्रेलिया में नील प्रकाश नामक शख्स आईएसआईएस के लिए एक अहम रिक्रूटर है। नील प्रकाश बौद्ध धर्म का अनुयायी है और आईएसआईएस के लिए काफी अहम बन गया है। उसने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें ऑस्ट्रेलियंस से वोल्फ अटैक्स की अपील की गई थी।
वहीं इंटेलीजेंस ब्यूरो और एनआईए की ओर से रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर की बेटी की काउंसलिंग हो रही है और खास बात है कि वह भी ऑस्ट्रेलिया से वापस आने के बाद ही आईएसआईएस की विचारधारा के प्रति आकर्षित हुई थी।
आईएसआईएस के लिए अपना धर्म परिवर्तन कराने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। कुछ दिनों पहले 10 युवाओं को केरल डिपोर्ट किया गया है उसमें से दो युवा हिंदु हैं।
हालांकि केरल की घटना में जिन दो हिंदुओं को डिपोर्ट किया गया है उसमें से दो हिंदु युवक उन लोगों के साथ संपर्क में जो आईएसआईएस का हिस्सा है।
करीब से नजर रख रहा भारत
भारतीय एजेंसियां इस नए चलन पर लगातार नजरें बनाए हुए हैं। अभी भारत से इस तरह के केसेज के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है जिसमें लोगों ने अपना धर्म परिवर्तन कराकर संगठन में शामिल हुए हों।
कुछ व्यक्ति देश के बाहर जाकर आईएसआईएस की विचारधारा के लिए आकर्षित होते हैं। अधिकारी भी इस बात को ध्यान में रखे हुए हैं। इस तरह के केसेज के बारे में ऑस्ट्रेलिया और यूएई से ज्यादा जानकारी आती है।
घबराने की जरूरत नहीं
वहीं दूसरी ओर भारतीय एजेंसियों का कहना है कि इस बारे में घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी मानें तो इस तरह के पूरे प्रयास किए गए हैं कि धर्म परिवर्तन कराकर आईएसआईएस में शामिल होने वाली घटनाएं भारत में सामने न आएं।
गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़ों के मुताबिक करीब 1000 भारतीय आईएसआईएस संगठन में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इन भारतीयों को इराक और सीरिया में आईएसआईएस के लिए लड़ाई लड़ने के लिए कई तरह से लुभाया गया था।
गृह मंत्रालय ने दिल्ली हाई कोर्ट को कुछ दिन पहले इस बात का भरोसा दिलाया है कि इस बात के सारे प्रयास किए जा रहे हैं कि भारतीय युवा आईएसआईएस में न शामिल होने पाए।













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