285 लोगों के नामों वाली ISIS की किल लिस्‍ट एनआईए के हाथ, 70 नाम मुंबई के

राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथ लगी है आईएसआईएस की व‍ह किल लिस्‍ट जिसमें हैं 285 भारतीयों के नाम। 150 नाम महाराष्‍ट्र से जिसमें 70 नाम अकेले मुंबई से लिस्‍ट में शामिल ।

मुंबई। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हाथों आईएसआईएस की वह किल लिस्‍ट लगी है जिसमें टेक प्रोफेशनल्‍स से लेकर हैकर्स, सॉफ्टवेयर मैनेजर, कंप्‍यूटर प्रोफेशनल्‍स के नाम हैं। इस लिस्‍ट में करीब 280 भारतीयों के नाम हैं जिनमें से 150 नाम महाराष्‍ट्र से हैं और 70 नाम अकेले मुंबई से हैं। इस लिस्‍ट में उन लोगों के नाम भी जिन्होंने भारतीयों एजेंसियों को आईएसआईएस के रिक्रूटर्स के बारे में जानकारी दी।

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वर्ष 2016 में आई थी 4,681 नामों वाली लिस्‍ट

सिक्‍योरिटी एजेंसियों का कहना है कि वह इस लिस्‍ट का अध्‍ययन कर रहे हैं और कुछ नामों को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह लिस्‍ट आईएसआईएस की ओर से जांच एजेंसियों को गुमराह करने का भी जरिया हो सकती है। आईएसआईएस टेलीग्राम चैनल के जरिए लोगों को मारने को ऐलान किया था। आईएसआईएस ने वर्ष 2016 में एक किल लिस्‍ट जारी की थी जिसमें दुनिया भर के 4,681 लोगों के नाम थे जिसमें से 285 नाम भारतीय थे। भारतीयों के नाम वाली किल लिस्‍ट युसूफ अल-हिंदी जिसे शफी अरमार के नाम से जानते हैं, उसने तैयार की थी। कहा जाता है कि अरमार सीरिया में रहकर आईएसआईएस के हैंडलर के तौर पर काम कर रहा है। एनआईए अधिकारियों का मानना है कि जो भी नाम लिस्‍ट में शामिल हैं, उन्‍हें आईएसआईएस ने बिना सोचे-समझे लिस्‍ट में शामिल किया है। इस लिस्‍ट को आईएसआईएस के सभी रिक्रूमटर्स के साथ भी शेयर किया गया है। लिस्‍ट के बारे में उस समय पता लगा जब एजेंसियों को एक लैपटॉप मिला जो महाराष्‍ट्र के परबनी जिले के रहने वाले नासिर बिन याफी चौस का था।

क्‍या है ISIS का मकसद

जो लिस्‍ट आईएसआईएस को मिली है उसमें नाम, पता, ई-मेल और अलग-अलग व्‍यक्तियों के पदों के बारे में ब्‍यौरा दिया गया है। इस लिस्‍ट का अध्‍ययन करने पर एजेंसियों को कोई खास पैटर्न नहीं मिला है। माना जा रहा है कि लिस्‍ट को लोगों में दहशत पैदा करने के लिए लाया गया है। हालांकि विस्तृत जांच में सामने आया है कि लिस्ट को जारी करने का मकसद भी सिर्फ लोगों में दहशत पैदा करना है और बड़े पैमाने पर लोगों में बांटना है। आईएसआईएस मानता था कि लिस्‍ट के बाद एजेंसियां लिस्‍ट की जांच में बिजी हो जाएंगी और वह अपने प्‍लान को अंजाम दे पाएंगे। पांच माह पहले लिस्‍ट के सामने आने के बाद भी आईएसआईएस ने अभी तक कोई बड़ा और खतरनाक कदम नहीं उठाया है।

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