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क्या सिंधिया के भाजपा में आने से नाराज हैं प्रभात झा? ट्विटर पर ये कहा

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नई दिल्ली- कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज भाजपा नेता प्रभात झा ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। यहां तक दावा किया जा रहा है कि वह अपने साथ कुछ विधायकों को भी बीजेपी से निकालकर ले जा सकते हैं। इस खबर को और हवा इसलिए मिली क्योंकि, ग्वालियर संभाग से ही आने वाले प्रभात झा की राज्यसभा सदस्यता खत्म होने वाली है और अगर सिंधिया को इसी शर्त पर लाया गया है तो उनका पत्ता कटना तय माना जा रहा था। लेकिन, फिलहाल प्रभात झा ने भाजपा से नाराज होने या पार्टी छोड़ने की सारी खबरों का खंडन कर दिया है।

सिंधिया के मुद्दे पर प्रभात झा की नाराजगी की खबर

सिंधिया के मुद्दे पर प्रभात झा की नाराजगी की खबर

ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं कि पार्टी के इस फैसले में मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा को नाराज कर दिया है। दरअसल, झा और सिंधिया दोनों ग्वालियर संभाग से ही आते हैं और दोनों की राजनीति में छत्तीस का आंकड़ा माना जाता है। प्रभात झा दो-दो बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और मौजूदा समय में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वो पंजाब और चंडीगढ़ में पार्टी के प्रभारी होने का भी जिम्मा संभाल रहे हैं। लेकिन, ये भी सच है कि लंबे समय से वो बीजेपी में साइडलाइन चल रहे हैं। खासकर उनकी नाराजगी की खबरें इसलिए फैलीं भी क्योंकि सिंधिया को भाजपा में आने के बाद उन्हें राज्यसभा में भेजा जाना लगभग तय है, जबकि प्रभात झा की राज्यसभा सदस्यता खत्म हो रही है। ऐसे में अगर सिंधिया को बीजेपी ने टिकट दिया तो फिर प्रभात झा को राज्यसभा पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

सिंधिया के खिलाफ पहले मोर्चा खोल चुके हैं

सिंधिया के खिलाफ पहले मोर्चा खोल चुके हैं

प्रभात झा मध्य प्रदेश भाजपा के उन नेताओं में से हैं, जो सिंधिया परिवार के खिलाफ मोर्चा खोलते रहे हैं। दूसरी तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कभी झा को अपनी हैसियत के बराबर का नेता नहीं माना। जाहिर है कि सिंधिया को जितने भव्य स्वागत के साथ बीजेपी में लाया गया है तो ऐसे में उनके सामने प्रभात झा का राजनीतिक कद छोटा दिखने की पूरी आशंका है। दोनों में राजनीतिक खुन्नस का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि प्रभात झा ने 2017 में सिंधिया पर कथित तौर पर अरबों रुपये के संपत्ति घोटाले में शामिल होने का भी आरोप लगा दिया था। वैसे ये भी सच है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के फौरन बाद से झा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। क्योंकि, उन्होंने 14 जुलाई, 2019 को एक ट्वीट में लिखा था, "किसी के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कल आपके साथ भी हो सकता है।" इस ट्वीट को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, नड्डा, शिवराज सिंह चौहान को टैग किया था।

नाराजगी की खबरों को शरारतपूर्ण बताया

हालांकि,अब प्रभात झा ने अपनी नाराजगी की खबरों का खंडन कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि जब पार्टी के वरिष्ठ नेता सिंधिया को पार्टी में ला रहे हैं तो भला उन्हें क्या दिक्कत हो सकती है। उन्होंने यहां तक दावा किया है कि जरूरी नहीं कि लगातार तीसरी बार भी उन्हें ही राज्यसभा में जाने का मौका मिले, बल्कि उन्होंने दूसरों को भी मौका दिए जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि दो बार तो उसी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भेजा, इसलिए उनकी नाराजगी की खबरें सही नहीं हैं। खुद के बीजेपी से नाराजगी और पार्टी छोड़ने जैसी खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने ट्विटर पर कुछ इस अंदाज में सफाई दी है, "निरर्थक और निराधार खबरों से मेरा कोई संबंध नहीं है। इस शरारतपूर्ण खबर कि मैं भर्त्सना करता हूं। मेरी प्रामाणिकता, नैतिकता और पार्टी निष्ठा को कोई चुनौती नहीं दे सकता।"

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English summary
After Jyotiraditya Scindia joined the BJP, there are reports in the media that this decision of the party has angered Madhya Pradesh BJP's senior leader Prabhat Jha.
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