क्या अकेले ड्राइव करते समय भी मास्क लगाना है जरूरी? हेल्थ मिनिस्ट्री ने दूर किया कंफ्यूजन
अगर आप अपनी गाड़ी में अकेले सफर कर रहे हैं, यानी गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं, तो क्या मास्क लगाना अनिवार्य है?
नई दिल्ली। वैक्सीन के इंतजार के बीच देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गुरुवार को कोरोना वायरस के मरीजों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई और अलग-अलग राज्यों में कुल 83 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। हालांकि कोरोना के केस बढ़ने के साथ-साथ संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है, लेकिन दैनिक मामलों में बढ़ोत्तरी सरकार के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। इस बीच कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिन्हें लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है। मसलन अगर आप अपनी गाड़ी में अकेले सफर कर रहे हैं, यानी गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं, तो क्या मास्क लगाना अनिवार्य है। इसे लेकर अब स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बयान दिया गया है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिया ये जवाब
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट करते हुए बताया कि उनकी तरफ से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, जिसमें कहा गया हो कि गाड़ी में अकेले सफर करते हुए भी मास्क लगाना अनिवार्य है। राजेश भूषण ने बताया कि अगर आप ग्रुप में सुबह के वक्त साइकिल चला रहे हैं या ग्रुप में सैर कर रहे हैं तो मास्क लगाना बेहद जरूरी है। हालांकि अगर अकेले साइकिलिंग कर रहे हैं तो मास्क को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।

62 फीसदी एक्टिव केस केवल पांच राज्यों में
वहीं, भारत में कोरोना वायरस के हालात की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना वायरस के 62 फीसदी एक्टिव केस केवल पांच राज्यों में हैं। ये पांच राज्य हैं- तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र। इन एक्टिव केस में भी सबसे ज्यादा 25 फीसदी मामले अकेले महाराष्ट्र में हैं। इसके अलावा देश में कोरोना वायरस से हुई मौतों में 37 फीसदी मौत महाराष्ट्र में हुई हैं।

'चरणबद्ध तरीके से हुई हैं आर्थिक गतिविधियां शुरू'
कोरोना वायरस महामारी के दौरान आर्थिक गतिविधियों को खोले जाने के सवाल पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि सरकार ने इन गतिविधियों को श्रेणीबद्ध तरीके से खोला है। सरकार ने कोरोना वायरस के मरीजों को लेकर मानक क्लीनिकल प्रोटोकॉल पर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की हैं। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में आईसीयू, आइसोलेशन बेड और टेस्टिंग को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। राजेश भूषण ने बताया कि इन बुनियादी चीजों को सुनिश्चित करने के बाद ही सरकार ने क्रमबद्ध तरीके से आर्थिक गतिविधियां शुरू की हैं।












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