नोटबंदी के दौरान घोटाले को लेकर ED ने जब्त की मुसद्दीलाल ज्वैलर्स की 130 करोड़ की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को नोटबंदी घोटाला मामले में मुसद्दीलाल जेम्स एंड ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड की 130.57 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है।
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने सोमवार को नोटबंदी घोटाला (Demonetization Scam) मामले में मुसद्दीलाल जेम्स एंड ज्वैल्स प्राइवेट लिमिटेड (Mussaddilal Gems & Jewels Pvt Ltd) की 130.57 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है। अटैज की गई संपत्तियों में चल संपत्ति के रूप में 18.69 करोड़ का स्टाकिंग ट्रेड भी शामिल है। एजेंसी ने विभिन्न ज्वैल्स और अन्य के नाम पर पंजीकृत संपत्ति और 41 अचल संपत्तियों को भी अटैच कर लिया है।
Recommended Video

यह भी पढ़ें: प्रवर्तन निदेशालय ने फ्रांस में विजय माल्या की 1.6 मिलियन यूरो की प्रॉपर्टी जब्त की
उन्होंने कथित तौर पर फर्जी नकद रसीदें और बिक्री के बिल बनाए जो यह दर्शाते थे कि 8 नवंबर 2016 को हुए नोटबंदी की घोषणा के तुरंत बाद लगभग 6,000 काल्पनिक ग्राहकों ने रात 8 बजे से मध्य रात्रि तक आभूषण खरीदने के लिए उनके शोरूम का दौरा किया। धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत ईडी की जांच में पता चला है कि कैलाश चंद गुप्ता और उनके बेटों की उद्धृत कंपनियों ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय सारदा के साथ मिलकर आय के काल्पनिक स्रोतों को औचित्यपूर्ण बनाने के लिए मनगढ़ंत चालान बनाए और नकद जमा की।
जांच एजेंसी के अनुसार संजय सारदा ने उन्हें 2 लाख रुपए से कम के जाली बिल बनाने की सलाह दी ताकि ग्राहकों के केवासी और पेन कार्ड की जरूरत ही न पड़े। इसके लिए शारदा ने मोटा कमीशन भी प्राप्त किया। बयान में कहा गया है कि लगभग 111 करोड़ की नकदी अपने बैंक खातों में जमा करने के तुरंत बाद, आरोपियों ने इन रकम का एक बड़ा हिस्सा सराफा खरीदने के लिए सोने के सराफा डीलरों को हस्तांतरित कर दिया, जो विभिन्न ज्वैलर्स/व्यक्तियों/ संस्थाओं को दिया गया था। ईडी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच प्रक्रिया चल रही है।












Click it and Unblock the Notifications