'बृजभूषण बगल में खड़ा था, लड़की ने धक्का दिया, बुदबुदाई और चली गई...', इंटरनेशनल रेफरी ने क्या-क्या कहा?
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकियों में एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर 6 महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसमें एक शिकायतकर्ता ने अपनी प्राथमिकी में कहा है, पिछले साल मार्च 2022 में लखनऊ में एशियाई चैंपियनशिप ट्रायल के बाद जब जब टीम एक साथ फोटो खिंचवाने के लिए खड़ी हुई तो 'उसने (बृजभूषण शरण सिंह) मेरे हिप पर हाथ रखा। जिसके बाद मैंने उससे दूर जाने की कोशिश की।'
2007 से अंतरराष्ट्रीय कुश्ती के रेफरी जगबीर सिंह, जो इस तस्वीर खिंचवाने के वक्त शिकायतकर्ता महिला पहलवान से कुछ दूरी पर खड़े थे। अब उन्होंने दिल्ली पुलिस के सामने अपनी गवाही में पहलवान के आरोपों की पुष्टि की है। द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जगबीर सिंह ने फोटो का हवाला दिया और कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनसे इसके बारे में पूछताछ की है।
रेफरी जगबीर सिंह चार राज्यों में हुए इस तरह के 25 से अधिक संभावित गवाहों में शामिल हैं। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कहा है कि रेफरी जगबीर सिंह पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं। रेफरी जगबीर सिंह कम से कम तीन महिला पहलवानों के आरोपों की पुष्टि की है।
रेफरी जगबीर सिंह कहा, ''मैंने उसे (बृज भूषण) उसके बगल में खड़े देखा। उसने खुद को छुड़ाया, धक्का दिया, बुदबुदाई और दूर चली गई। वह राष्ट्रपति के बगल में खड़ी थीं, लेकिन फिर सामने आ गईं। मैंने देखा कि यह महिला पहलवान कैसी प्रतिक्रिया दे रही थी और वह असहज थी। उसके साथ कुछ गलत हुआ। मैंने उसे अपने चेहरे के हावभाव को छुपाते देखा था।''
रेफरी जगबीर सिंह ने आगे कहा, ''मैंने उसे दिखावा करते नहीं देखा था। लेकिन उसके हाथ-पैर खूब चलते थे। इधर आ जा, इधर खड़ी हो जा। उसके (शिकायतकर्ता के) व्यवहार से, यह साफ था कि उस दिन फोटो सेशन के दौरान कुछ तो गलत हुआ था।''
दूसरी प्राथमिकी के मुताबिक 'बृजभूषण शरण सिंह ने जबरन कंधा पकड़ लिया था। इससे पहले कि वहां से निकलकर मैं आगे जा पाती।'
प्राथमिकी में लिखा गया है, ''चूंकि मैं सबसे लंबी पहलवानों में से एक थी इसलिए मुझे आखिरी पंक्ति में खड़ा होना था। जब मैं आखिरी पंक्ति में खड़ी थी और दूसरे पहलवानों की पोजीशन लेने का इंतजार कर रही था, तभी आरोपी मेरे पास आकर खड़ा हो गया। अचानक उसका हाथ मेरे हिप पर चला गया। मैंने तुरंत पीछे मुड़कर देखा और मैं हैरान रह गई थी। आरोपी ने अपने हाथ मेरे हिप पर रख दिए थे।''
प्राथमिकी में आगे लिखा गया है, ''आरोपी द्वारा और अनुचित स्पर्श से खुद को बचाने के लिए मैंने तुरंत उस जगह से दूर जाने की कोशिश की। हालांकि, जब मैंने वहां से जाने की कोशिश की, तो आरोपी ने जबरन मेरा कंधा पकड़ लिया। किसी तरह मैं वहां से निकली। चूंकि मैं टीम की तस्वीर खिंचवाने से नहीं बच सकती था, इसलिए मैंने आरोपी से दूर जाकर पहली पंक्ति में बैठने का फैसला किया।''
इस मामले में जगबीर सिंह दूसरे गवाह हैं। 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता भी इस केस में गवाह हैं। दोनों ने कम से कम दो पहलवानों द्वारा किए गए दावों की पुष्टि की है।
अनीता ने कहा कि शिकायतकर्ता ने उसे विदेश में एक टूर्नामेंट से उस घटना के बारे में बात करने के लिए बुलाया था, जहां बृज भूषण ने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में बुलाया था और उसे "जबरन" गले लगाया था।
अनीता ने कहा है कि पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में लौटने के बाद शिकायतकर्ता आपबीती सुनाते हुए रोने लगी थी। अपनी शिकायत में, उसने कहा है कि गोल्ड मेडल जीतने वाली रात को बृजभूषण शरण सिंह ने जबरन गले लगाया था।












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