INS Vikrant: ऐसे 30 फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों की तैनाती, ये घातक एयरक्राफ्ट भी संभालेंगे मोर्चा

कोचीन (केरल), 2 सितंबर: भारतीय नौसेना की ताकत आज कई गुना बढ़ गई है। उसके जंगी बेड़े में स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत शामिल हो गया है। यूं तो स्वदेशी उपकरण और डिजाइनों से लैस यह एयरक्राफ्ट कैरियर तमाम खूबियों से भरा पड़ा है। लेकिन, यहां हम मुख्यतौर पर इसकी डेक पर तैनात होने वाले फाइटर जेट्स और युद्धक हेलीकॉप्टरों की बात करने जा रहे हैं। जिनके दम पर आने वाले समय में हिंद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यह जंगी जहाज दुश्मनों के होश ठंडे करके रख सकेगा।

भारतीय नौसेना के इतिहास के लिए बेहद खास दिन

भारतीय नौसेना के इतिहास के लिए बेहद खास दिन

भारतीय नौसेना के इतिहास के लिए शुक्रवार बहुत बड़ा दिन है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोचीन शिपयार्ड में स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को नौसेना को सौंप दिया है। आने वाले समय में इस स्वदेशी विमान वाहक युद्धपोत पर देश के कुछ बेहद खास और दुश्मनों के लिए घातक फाइटर जेट तैतात हो जाएंगे। हम यहां उन सबका जिक्र करने जा रहे हैं। विक्रांत का अर्थ ही विजयी और वीरता से है और आईएनएस विक्रांत उसके हिसाब से सभी शक्तियों से लैस है। 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा यह विमान वाहक जहाज लगभग 43,000 टन का भार लेकर 28 समुद्री मील या करीब 52 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन किया गया है।

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    30 फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों की होगी तैनाती

    30 फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टरों की होगी तैनाती

    आईएनएस विक्रांत की डेक से एकसाथ 30 विमानों तक के एयर विंग को संचालित किए जाने की क्षमता है। इसमें शुरुआत में मिग-29के लड़ाकू जेट, कामोव-31 और एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर तैनात रहेंगे। इनके अलावा स्वदेश निर्मित एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) की भी तैनाती होगी। भारतीय नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल एस एन घोरमडे ने पहले बताया था कि आईएनएस विक्रांत हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में अपना योगदान देगा। उन्होंने ही कहा था कि विमानों की लैंडिंग ट्रेनिंग नवंबर से शुरू होगी और 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। अब आईएनएस विक्रांत पर अभी तैनात होने वाले और भविष्य में अपनी ताकत दिखाने वाले फाइटर जेट के बारे में जान लेते हैं।

    मिग-29के लड़ाकू विमान

    मिग-29के लड़ाकू विमान

    मिग 29के लड़ाकू विमान एक अत्याधुनिक, सभी मौसम में इस्तेमाल लायक कैरियर बेस्ड हवा में प्रभुत्व जमाने वाला जेट है, जो विशेष रूप से भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया है। मिग 29के फाइटर जेट की अधिकतम गति ध्वनि की गति से दोगुनी (लगभग 2000 किलोमीटर प्रति घंटे) है, गुरुत्वाकर्षण के बल से 8 गुना तक खींच सकता है और 65,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। सिर्फ एक फाइटर पायलट के इस्तेमाल के लिए बना यह फाइटर जेट कई लड़ाइयों में दुश्मनों की दांत खट्टे कर चुका है। इससे अलग-अलग तरह के एडवांस रॉकेट, मिसाइलों और बमों का इस्तेमाल हो सकता।

    एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (रोमियो)

    एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर (रोमियो)

    एमएच-60आर वर्तमान में उपयोग में आने वाला सबसे उन्नत मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर है। इस अमेरिकी हेलीकॉप्टर में लगे दर्जनों सेंसर और रडार दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखते हैं। इसमें 5 लोग बैठ सकते हैं और तीन से चार लोग इसे मिलकर उड़ा सकते हैं। 64.3 फीट लंबे इस हेलीकॉप्टर की रेंज 830 किलोमीटर है और यह 12,000 फीट तक ऊड़ान भर सकता है। वैसे तो इसकी स्पीड 270 किलोमीटर प्रति घंटे है, जो कि 330 किलोमीटर की स्पीड तक से भी उड़ सकता है। इसमें कई तरह के टॉरपीडो और हेलफायर मिसाइल फिट हो सकती हैं। साथ ही चार हेवी मशीन गनों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। रोमियो के नाम से जाना जाने वाला यह हेलीकॉप्टर एंटी-सबमरीन हेलीकॉप्टर है। आईएनएस विक्रांत पर तैनाती के बाद भारतीय नौसेना की ताकत काफी बढ़ जाएगी।

    कामोव-31

    कामोव-31

    इस हेलीकॉप्टर की ऑपरेशन स्पीड 216 मील प्रति घंटा है और यह 11,483 फीट की ऊंचाई तक पर उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 370 मील है। यह 4 हजार किलो वजन तक लेकर उड़ सकता है या फिर 16 जवानों को लेकर उड़ान भर सकता है। इसमें भी टॉरपीडो, मशीन गन, बम और रॉकेट लग सकते हैं। (ऊपर की तस्वीर सौजन्य: नौसेना)

     राफेल का नेवी वर्जन

    राफेल का नेवी वर्जन

    लेकिन, भारतीय नौसेना इससे भी आगे देख रही है। आने वाले समय में आईएनएस विक्रांत पर राफेल का नेवी वर्जन और बोइंग के एफ-18 सुपर हॉर्नेट जैसे शक्तिशाली अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों को उतारने की भी संभावना है। मंथन इस बात पर चल रहा है कि ऐसे कौन से ज्यादा ताकतवर फाइटर जेट हो सकते हैं, जो देश में बने विमान वाहक पोत की ताकत को अपराजेय बना सकें। इसमें राफेल का नौसेना वर्जन वायुसेना की सेवा में तैनात वर्जन जितना ही बेहतरीन माना जा रहा है। यह तीन तरह की मिसाइलों से लैस हो सकते हैं, जो 150 किलो मीटर से लेकर 300 किलोमीटर तक दुश्मनों की कमर तोड़ सकती हैं।

    एफ-18 सुपर हॉर्नेट नेवी

    एफ-18 सुपर हॉर्नेट नेवी

    एफ-18 सुपर हॉर्नेट नेवी को अमेरिकी कंपनी बोइंग बनाती है। इस विमान की अधिकतम स्पीड 1,915 किलो मीटर प्रती घंटे हैं और कॉम्बेट रेंज 722 किलोमीटर। यह 50 हजार फीट तक ऊंचाई में जा सकता है और कई तरह के बम और मिसाइलें दाग सकता है। (ऊपर की तस्वीर सौजन्य-विकीपीडिया)

     20,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार

    20,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार

    आईएनएस विक्रांत में करीब 2200 कंपार्टमेंट बने हैं और इसे 1600 क्रू के रहने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें महिला अधिकारियों और सेलर के लिए विशेष केबिन भी मौजूद हैं। इसमें एक पूर्ण मेडिकल कॉम्पलेक्स की भी व्यवस्था है, जिसमें सभी अत्याधुनिक व्यवस्था है। इसे 20,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है, जिसकी तैनाती के साथ ही भारत, अमेरिका, यूके, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देशों के साथ खड़ा हो गया गया, जो स्वदेशी डिजाइन पर आधारित अपना एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने में सक्षम है।

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