केजरीवाल का क्रेज, इंफोसिस छोड़कर झाडू लगाने के लिये 'आप' में शामिल हुए बालकृष्णन

उल्लेखनीय है कि 20 दिसंबर को कंपनी के बोर्ड और सेवा से बालकृष्णन के हटने की सूचना देते हुए इइंफोसिस ने बताया था कि उनका इस्तीफा 31 दिसंबर, 2013 से प्रभावी है। साल 1991 में इंफोसिस से जुड़ने और बाद में चीफ फाइनैंस ऑफिसर बनने वाले बालकृष्णन सीईओ की रेस में बताए जा रहे थे। बालकृष्णन ने पूछा गया कि वह अपनी कारोबारी प्रतिबद्धता के साथ राजनीतिक करियर देख रहे हैं तो उन्होंने कहा कि मैं समझ रहा हूं कि आने वाले भविष्य में मैं दोनों संभाल पाऊंगा।
वहीं जब बालकृष्णन से लोकसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मालूम हो कि नरेंद्र मोदी के गढ़ गुजरात में भी आम आदमी पार्टी ने पांव जमाने शुरू कर दिया है। बीजेपी के पूर्व विधायक कानू कलसरिया AAP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य दिनेश वाघेला की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो गए। कलसरिया ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में निरमा के सीमेंट संयंत्र के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। वह पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।












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