इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में मरने वालों की संख्या 150 हुई, 1999 के बाद सबसे बड़ा रेल हादसा
इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में मरने वालों की संख्या 150 हो गई है। वर्ष 1999 के बाद सबसे बड़ा ये रेल हादसा है।
नई दिल्ली। इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में मरने वालों की संख्या 150 हो गई है। वर्ष 1999 के बाद सबसे बड़ा ये रेल हादसा है।

यूपी के कानपुर में पुखरायां में रविवार को हुए ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 150 हो चुकी है। इस हादसे में 200 से भी अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
पीटीआई के मुताबिक कानपुर ट्रेन हादसे में अभी तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 123 के शवों की पहचान हुई है। 101 मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। रविवार को सुबह-सुबह इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए थे, जिसके चलते ये खतरनाक ट्रेन हादसा हुआ है। हादसे की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
यह हादसा कितना वीभत्स था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना में मारे गए बहुत से लोगों के शव ऐसी अवस्था में हैं कि उनकी शिनाख्त भी नहीं की जा पा रही है। बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ के प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि मारे गए लोगों के शव क्षत-विक्षत हो गए हैं, जिनकी पहचान कर पाना भी मुमकिन नहीं है। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय लोग सो रहे थे, जिसकी वजह से लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला। हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है।
अभी तक मृतकों के परिवार को 12.5 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की गई है। इसमें 3.5 लाख रुपए रेलवे, 5 लाख रुपए उत्तर प्रदेश सरकार, 2 लाख रुपए मध्य प्रदेश सरकार और 2 लाख रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे।
इसके अलावा, हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपए का मुआवजा और हल्की चोट वालों को 25-25 हजार रुपए का मुआवजा रेलवे की तरफ से दिया जाएगा। साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों को पीएम राहतकोष से भी 50-50 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। उच्च स्तरीय जांच के आदेश घटना के बाद सुबह से ही लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं और कहा गया है कि जो भी दोषी है उसे बख्शा नहीं जाएगा।












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