इंदौर में विकास की नई धारा: मुख्यमंत्री यादव ने बांटे हितलाभ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में "संकल्प से समाधान" अभियान के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए। इस दौरान उन्होंने मां नर्मदा जल के चतुर्थ चरण के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत 1356 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने रामसर साइट सिरपुर में 62.72 करोड़ रुपये की लागत से बने एसटीपी प्लांट का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा प्रदेश की जीवनरेखा है और इसके आशीर्वाद से राज्य में विकास की नई धारा बह रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि "संकल्प से समाधान" अभियान के तहत इंदौर जिले में 1.44 लाख से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित हुआ है। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और नर्मदा जल अर्पित कर संतों से आशीर्वाद भी लिया।
जल संरक्षण के लिए 'जल गंगा संवर्धन अभियान’
मुख्यमंत्री ने "जल गंगा संवर्धन अभियान" की जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 2.75 लाख जल संरचनाओं—कुएं, बावड़ी, तालाब और नहरों—का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया जाएगा। यह अभियान गुड़ी पड़वा से शुरू होकर गंगा दशमी तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) परियोजना से कई जिलों में सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही शिप्रा नदी के पुनर्जीवन के लिए भी व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि सिंहस्थ-2028 तक स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा सके।
इंदौर के लिए दीर्घकालिक जल योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे इंदौर शहर की आगामी 25 वर्षों की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र योजना तैयार की गई है। इससे भविष्य में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में यह देश के बड़े महानगरीय क्षेत्रों में गिना जाएगा।
1356 करोड़ की परियोजनाओं में क्या शामिल
अमृत 2.0 योजना के तहत जिन कार्यों का भूमि पूजन किया गया, उनमें बड़े इंटेक सिस्टम, ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन, ग्रेविटी पाइपलाइन, टनल, क्लोरीनेशन प्लांट, नए ओवरहेड टैंक, पुराने टैंकों का उन्नयन और लाखों नए जल कनेक्शन शामिल हैं।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नेताओं ने इस परियोजना को इंदौर के सतत विकास और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।












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