बहुत जरूरी हो तभी 12 अगस्त से पहले बुक कराएं रेल टिकट, इस तारीख तक नहीं चलेंगी ट्रेनें
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारतीय रेलवे ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया है। रेलवे ने एक सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि कोविड-19 मामलों के प्रसार के चलते अगस्त तक नियमित यात्री ट्रेनों को नहीं चलाने का फैसला लिया गया है। रेलवे ने कहा, मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और उपनगरीय ट्रेनों को 12 अगस्त, 2020 तक संचालन में नहीं लाया जाएगा। इसके साथ ही उन भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों के भी टिकट कैंसिल कर दिए गए हैं जिन्होंने 1 जून से 12 अगस्त, 2020 तक यात्रा के लिए सीट बुक कराई थी।
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12 अगस्त तक नहीं चलेंगी नियमित यात्री ट्रेनें
गौरतलब है कि जून महीने में देशभर में कोरोना वायरस का महा-विस्फोट हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत जल्द 5 लाख के आंकड़े को भी पार कर जाएगा। देश में प्रतिदिन 13 हजार से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं, ऐसे में रेलवे ने कोरोना संकट में यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित यात्री ट्रेनों को 12 अगस्त तक स्थगित कर दिया है। हालांकि इस दौरान विशेष ट्रेनों का परिचालन पहले की तरह ही जारी रहेगा।

रेलवे पहले भी कर चुका है ये ऐलान
इसके अलावा जिन यात्रियों ने 1 जुलाई से लेकर 12 अगस्त तक के बीच की टिकट को बुक कर रखा है वो रद्द हो गए है, जिसका यात्रियों को पूरा रिफंड मिलेगा। इससे पहले भी रेल मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जानकारी दी गई थी कि कोरोना काल में नियमित टाइम टेबल पर चलने वाली ट्रेनों के लिए 14 अप्रैल 2020 या उससे पहले बुक किए गए सभी टिकटों के लिए यात्रियों को पूरा रिफंड दिया जाएगा। अगर किसी यात्री ने किसी नियमित ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट बुक कराया है, तो उसे आईआरसीटीसी टिकट का पूरा पैसा वापस करेगा।

रेलवे ने रद्द किया 471 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट
सीमा पर चीन के साथ जारी तनाव को देखते हुए रेल मंत्रालय के अधीन काम करने वाले डेडिकेटेड फ्राइट कॉरिडोर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया ने बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिगनल एंड कम्यूनिकेशंस ग्रुप कंपनी लिमिटेड को कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करने का बुधवार को ऐलान किया। रेलवे ने अनुबंध रद्द करने की मुख्य वजह लेटलतीफी बताई है। इस चीनी कंपनी को कानपुर से दीन दयाल उपाध्याय रेलवे सेक्शन के बीच 417 किमी के सेक्शन में सिग्नलिंग और टेलीकॉम का काम दिया गया था। इस प्रोजेक्ट की लागत 471 करोड़ रुपये थी।

मेड इन इंडिया कम्पोनेंट का ही इस्तेमाल करेगा रेलवे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेक इन इंडिया नीति और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अब रेलवे बोर्ड ने मेड इन इंडिया प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करने का निर्णय लिया हैं। भारतीय रेलवे ने केवल मेड -इन-इंडिया सामानों का उपयोग करने और आयात को कम करते हुए शून्य करने का लक्ष्य रखा है। एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को एक परिवहन परियोजना में चीनी फर्म के अनुबंध को रद्द करने का फैसला करने के एक दिन बाद कहा।
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