अंडमान के हैवलॉक द्वीप पर 800 लोगों को बचाएगी इंडियन नेवी
अंडमान निकोबार के हैवलॉक द्वीप में तूफान और भारी बारिश में फंसे 800 पर्यटकों को बचाने के लिए इंडियन नेवी आई एक्शन में। नेवी ने अपनी शिप्स को किया राहत कार्य के लिए रवाना।
पोर्ट ब्लेयर। अंडमान निकोबार में भारी बारिश और तूफान की वजह से फंसे पर्यटकों को निकालने में अब इंडियन नेवी को लगाया गया है। इंडियन नेवी को अंडमान निकोबार के हैवलॉक द्वीप पर फंसे 800 लोगों को बचाने की जिम्मेदारी दी गई है। भारी बारिश और तूफान की वजह से यह इलाका पूरी तरह से कट गया है और किसी भी तरह का संपर्क बहुत ही मुश्किल हो गया है।

एडमिनिस्ट्रेशन ने किया था अनुरोध
नागरिक प्रशासन की ओर से इंडियन नेवी को फोन कर फंसे हुए पर्यटकों को निकालने का अनुरोध किया गया था।
इंडियन नेवी ने इस रिक्वेस्ट के बाद बिट्रा, बंगाराम, कुमभिर और एलसीयू 38 को पोर्ट ब्लेयर से रवाना किया है। इन शिप्स को पर्यटकों को निकालने के लिए तैनात कर दिया गया है।
आईएनएस बिट्रा और आईएनएस बंगाराम छोटे जहाज हैं और वह पर्यटकों को लेकर आएगी।
फिर उन्हें आईएनएस कुंभिर और एलसीयू 38 से रवाना किया जाएगा। सभी शिप्स पोर्ट ब्लेयर से सुबह करीब 3:15 मिनट पर हैवलॉक रवाना हो गई हैं।
ये सभी शिप्स पर्यटकों को पोर्ट ब्लेयर वापस लेकर आएंगी। पर्यटकों की सुरक्षा उनकी अहम चिंता है।
आर्मी, नेवी और एयरफोर्स का बेस
अगर मौसम ऐसे ही खराब रहा तो फिर पर्यटकों को परेशानी हो सकती है। हैवलॉक में खाने की आपूर्ति सीमित ही है।
अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में एक एयरपोर्ट भी है। साथ ही बाकी द्वीपों की तुलना में इसका संपर्क बाकी हिस्सों से बेहतर है।
यहां पर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स तीनों का ही बेस भी है। इसके अलावा कोस्ट गार्ड भी यहां मौजूद है।
चार घंटे का समय और मौसम
हैवलॉक से पोर्ट ब्लेयर तक आने में करीब चार घंटे का समय लगता है। अहम मुद्दा यह है कि पर्यटक कितनी तेजी से नेवी के शिप्स की ओर से आ सकते हैं।
इसके अलावा तूफान की वजह से समुद्र का रुख भी इस बात को निर्धारित करेगा कि कितनी जल्दी पर्यटकों को पोर्ट ब्लेयर तक लेकर आया जा सकता है।
मौसम विभाग की ओर से बंगाल की खाड़ी में दबाव बनने और मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की गई है।












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