जल्द ही संसद में डेटा प्राइवेसी बिल लेकर आएगी केंद्र सरकार
नई दिल्ली, 29 सितंबर। डेटा प्रोटेक्शन को लेकर देश में लंबे समय से बहस चल रही है। इस बीच केंद्र सरकार जल्द ही डेटा प्रोटेक्शन बिल लाने जा रही है। केंद्र सरकार डेटा प्रोटेक्शन को लेकर गंभीर रुख दिखाती नजर आ रही है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से कहा गया है कि न्यू डेटा प्रोटेक्शन बिल को आने वाले सत्र में सदन में पेश किया जाएगा, जिसके जरिए भारतीय नागरिकों के अधिकार को सुरक्षित किया जा सकता है। पांच जजों की संवैधानिक बेंच जिसमे जस्टिस केएम जोसेफ, अजय रस्तोगी, अनिरुद्ध बोस, ऋषिकेश रॉय, सीटी रविकुमार शामिल हैं, वह इस मामले की सुनवाई कर रही है। बेंच ने इस मामले की सुनवाई को 17 जनवरी 2023 के लिए लिस्ट किया है।

दरअसल दो छात्रों ने व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को चुनौती दी थी, जिसमे कहा गया था कि कंपनी यूजर्स के डेटा को अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक व अन्य के साथ साझा करती है, जोकि नागरिकों की निजता और अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में हाजिर हुए थे। सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने पहले ही पुरानी डेटा प्रोटेक्शन बिल को वापस ले लिया है, नए बिल को संसद में पेश किया जाएगा।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि भारत सरकार का पक्ष है कि भारतीय यूजर्स के साथ अन्य यूजर्स की तुलना में भेदभाव नहीं किया जा सकता है। बेंच ने कहा कि इस यह मामला काफी लंबे समय से लंबित है, अगर भारत सरकार इसको लेकर गंभीर थी और कानून लाना चाहती है तो इसे पहले ला सकती थी। बेंच ने पूछा क्या सरकार बिल को संसद में लेकर आएगी, जिसमे इस मसले का हल देने की कोशिश होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 17 जनवरी 2023 को होगी।












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