पवन हंस में 51 फीसदी की अपनी हिस्सेदारी को सरकार 211 करोड़ रुपये में बेचेगी, इस कंपनी को मिलेगा मालिकाना हक
नई दिल्ली। एयर इंडिया के बाद केंद्र सरकार ने पवन हंस लिमिटेड में अपनी पूरी 51% हिस्सेदारी की बिक्री और मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर के लिए स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की बोली को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स ने अक्टूबर, 2016 में PHL के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी। इस समिति में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल थे।

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने पवन हंस लिमिटेड में अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी 211.14 करोड़ रुपये में बेचने के लिए स्टार9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की उच्चतम बोली को मंजूरी दे दी है। इसके बाद लेन-देन अब अंतिम चरण में चला जाता है, जिसमें अगले चरण में लेटर ऑफ अवार्ड जारी करना, शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करना और लेनदेन को बंद करना शामिल है।
मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, विशेषज्ञों (लेन-देन सलाहकार और परिसंपत्ति मूल्यांकनकर्ता) द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर पवन हंस की बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य 199.92 करोड़ रुपये तय किया गया था। तत्पश्चात, तीन बोलियां बोलीदाताओं की उपस्थिति में खोली गईं। वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि तीनों बोलियां वैध पाई गईं।
बता दें कि सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस इस समय गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है। पवन हंस देश की इकलौती सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है। तीन दशक से भी अधिक पुरानी इस कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में लगभग 69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद साल 2019-20 में भी कंपनी को लगभग 28 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। इसी के चलते सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।
बता दें कि पवनहंस भारत सरकार और ONGC का एक जॉइंट वेंचर है जो हेलिकॉप्टर और एयरो मोबिलिटी सर्विस देता है। भारत सरकार के पास कंपनी में 51 फीसदी शेयर हैं और ONGC के पास 49 फीसदी शेयर। ONGC भी भारत सरकार के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट ट्रांजैक्शन में सक्सेसफुल बिडर को अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी। इसका प्राइस और टर्म्स एंड कंडीशन भी वही करेगी।
स्टार9 मोबिलिटी की 211.14 करोड़ की बिड
पवन हंस लिमिटेड की 51% हिस्सेदारी की बिक्री के लिए रिजर्व प्राइस 199.92 करोड़ रुपए तय किया गया था। मेसर्स स्टार9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स महाराजा एविएशन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स अल्मास ग्लोबल अपॉर्चुनिटी फंड SPC ने 211.14 करोड़ रुपए की बिड लगाई थी। अन्य दो बिड 181.05 करोड़ रुपए और 153.15 करोड़ रुपए की थीं। विचार-विमर्श के बाद, सरकार ने स्टार9 मोबिलिटी की फाइनेंशिलयल बिड को स्वीकार किया।












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