भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गज जगदीश खट्टर का निधन, मारुति सुजुकी को बुलंदियों पर पहुंचाने का किया था काम
नई दिल्ली, अप्रैल 26। भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए सोमवार को दिन एक बुरी खबर लेकर आया। दरअसल, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर जगदीश खट्टर का सोमवार को निधन हो गया। 78 साल के जगदीश खट्टर को कार्डियक अरेस्ट आया और उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

14 साल रहे मारुति के साथ
पूर्व IAS ऑफिसर जगदीश खट्टर साल 1993 से लेकर 2007 तक मारुति सुजुकी के साथ जुड़े रहे थे। 14 साल मारुति के साथ काम करने के बाद उन्होंने खुद की कंपनी कार्नेशन ऑटो इंडिया बनाई थी। ये सभी ब्रांड की इकलौती सेल्स एंड सर्विस कंपनी थी। वे 2003 से 2005 तक सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के प्रेसिडेंट भी रहे। आपको बता दें कि मारुति कंपनी को बुलंदियों को पहुंचाने में जगदीश खट्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा था। जगदीश खट्टर भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा नाम रहे।
बतौर अधिकारी भी कई अहम पदों पर रहे जगदीश खट्टर
आपको बता दें कि जगदीश खट्टर इस्पात मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के कई अहम पदों पर भी काम कर चुके थे। उन्होंने मारुति के साथ रहते हुए कंपनी की 9 हजार करोड़ रुपए की सालाना आमदनी को 22 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया था। इसमें मुनाफा भी 5 गुना तक बढ़ गया था।
जब जगदीश खट्टर पर लगा था धोखाधड़ी का आरोप
कहते हैं ना कि हर कामयाब इंसान के जीवन में एक बार जरूर बुरा दौर आता है तो जगदीश खट्टर के जीवन में वो समय साल 2019 में आया था, जब सीबीआी ने पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत के आधार पर खट्टर और उनकी कंपनी के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। कार्नेशन ऑटो इंडिया पर 110 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इन आरोपों के जवाब में खट्टर ने कहा था कि कार्नेशन एक व्यवसायिक विफलता है। कोई गलत काम नहीं है। एक बड़े फॉरेंसिक ऑडिटर ने इसका डिटेल ऑडिट किया था। इसमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ। इसके बाद बैंक ने जांच को CBI को सौंप दिया था। CBI ने इसकी जांच की लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले।












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