कश्मीर में लोगों से इंडियन आर्मी ने की शांति की अपील
श्रीनगर। कश्मीर में जारी अशांति और हिंसा के माहौल के बीच ही इंडियन आर्मी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। आर्मी ने शुक्रवार को कहा कि हर किसी को एक कदम पीछे हटना होगा और साथ में बैठकर समस्या का समाधान निकालना पड़ेगा।

सिक्योरिटी फोर्सेज पर न हो हमले
नॉर्दन आर्मी कमांडर डीएस हुड्डा ने एक बयान जारी किया है। हुड्डा ने कहा कि हर किसी को उन विकल्पों पर विचार करना होगा जो माहौल को शांत बनाए रखने में कारगर साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी फोर्सेज को आदेश दिए गए हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा संयम बरतें। दूसरी तरफ के लोगों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि पुलिस स्टेशनों और सिक्योरिटी फोर्सेज के बेस पर हमले न हों।
गौरतलब है कि आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वाानी की मौत के बाद से ही कश्मीर में हिंंसा जारी है और अब तक इसमें 60 लोगों की मौत हो चुकी है।
एक व्यक्ति या संगठन के बस की बात नहीं
हुड्डा ने कहा कि 40 दिनों से हिंसा और तनाव का दौर जारी है और कई लोग घायल हो चुके हैं। ऐसे में मेरी अपील है कि हम सब साथ बैठे और यह सोचे कि क्या हम इस हालात को कोई विकल्प तलाश सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जो भी जम्मू कश्मीर में किसी भी तरह से शामिल है उसे अपने अंदर देखने की जरूरत है कि वह कैसे इन सब पर विराम लगा सकता है। अकेला व्यक्ति या कोई एक संगठन अकेले इसमें सफल नहीं हो सकता है।
सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित
हुड्डा ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि हिंसा के इस दौर में सबसे ज्यादा नुकसान उन बच्चों का हुआ है जो स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
उन युवाओं का हुआ है जो हॉस्पिटल में हैं, ऑफिस न जा पाने वाले कर्मियों का, व्यापारियों का नुकसान हुआ है। यहां तक कि सुरक्षाबलों और पुलिस को भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
अलगाववादी पीछे हटें
जब हुड्डा से पूछा गया कि क्या उन्होंने अलगाववादी नेताओं से भी यही अपील की है तो उनका कहना था, 'हर किसी को पीछे हटने की जरूरत है।'
उन्होंने अलगाववादी नेताओं से सवाल किया कि विरोध प्रदर्शनों के कैलेंडर कहां से आ रहे हैं। आपको बता दें कि अलगाववादी नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों का एक नया कैलेंडर गुरुवार को जारी किया है।
युवा बन रहे हैं आतंकी संगठनों का हिस्सा
हुड्डा ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की कि कश्मीर के युवा हिंसा की आड़ में आतंकी संगठनों का हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है। उन्होंने बताया कि इस बात का कोई आसान जवाब नहीं है कि इस पर कैसे लगाम लगाई जा सकती है।
आर्मी करेगी पूरी मदद
उन्होंने कहा कि यह फैसला किया गया है कि आर्मी सिक्योरिटी फोर्सेज और पुलिस को हाइवेज और सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद देगी।
कश्मीर में फिलहाल कानून व्यवस्था पुलिस और सीआरपीएफ के हाथ में है। उन पुलिस स्टेशनों को मदद दी जाएगी जहां पर पुलिस कर्मी कम संख्या में हैं।
फिलहाल कश्मीर में मोर्चा नहीं संभालेगी आर्मी
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल इस बात की कोई संभावना नहीं है कि आर्मी कश्मीर में मोर्चा संभालेगी क्योंकि फिलहाल हालात ऐसे नहीं हैं।
हालांकि कश्मीर में जारी माहौल की वजह से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशंस पर भी थोड़ा असर पड़ा है लेकिन फिर भी सेना सतर्क है। हुड्डा ने बताया कि कश्मीर में जारी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशंस में खासा प्रभाव पड़ा है।












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