भारतीय वायु सेना की बढ़ेगी ताकत, खरीदे जाएंगे 100 और स्वदेशी LCA मार्क 1ए लड़ाकू विमान
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) लगातार अपने बेड़े की ताकत को बढ़ाने में लगा हुआ है। 12 Su-30MKI की खरीदने की योजना के बाद अब बेड़े में वायुसेना ने करीब 100 और मेड-इन-इंडिया एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू जेट खरीदने की योजना बनाई है।
एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने एयरबस विमान निर्माण सुविधा को बताया कि लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) को जमीनी तौर पर मिग की सीरीज मिग-21, मिग-23 और मिग-27 सहित अन्य विमानों को बदलने के लिए तैयार किया जा रहा है। विमानों को बदलने से पहले जरूरी कि हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे पास पर्याप्त संख्या में एलसीए के विमान हों। उन्होंने आगे बताया कि 83 एलसीए मार्क ए के लिए पहले ही अनुबंध कर चुके हैं। इसके अलावा हम करीब 100 और विमानों के लिए बातचीत कर रहे हैं।

भारतीय वायु सेना (IAF) की योजना के अनुसार, भारत में बने ये विमान उसके बेड़े में मिग-श्रृंखला के लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे। योजनाएं रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के अन्य सभी हितधारकों को प्रस्तुत कर दी गई हैं। भारतीय वायुसेना प्रमुख ने स्वदेशी फाइटर जेट कार्यक्रम को लेकर पिछले महीने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) समेत सभी संबंधित पक्षों के साथ समीक्षा बैठक की थी। उस समय, इनमें से लगभग 100 अतिरिक्त विमान खरीदने का निर्णय लिया गया था।
बढ़ेगी भारतीय वायु सेना की ताकत
इस आदेश का मतलब यह होगा कि एलसीए तेजस लड़ाकू विमान वास्तव में बड़ी संख्या में भारतीय वायु सेना की ताकत बढ़ा देंगे। आने वाले 15 दिनों में वायुसेना के पास 40 एलसीए, 180 से ज्यादा एलसीए मार्क-1ए और कम से कम 120 एलसीए मार्क-2 हवाई जहाज होंगे।
एलसीए मार्क 1ए के लिए आखिरी ऑर्डर 83 विमानों के लिए था और पहला हवाई जहाज फरवरी 2024 के आसपास वितरित किया जाएगा। एलसीए मार्क 1ए तेजस विमान का उन्नत संस्करण है। एलसीए मार्क 1 ए विमान में वायु सेना को आपूर्ति किए जा रहे शुरुआती 40 एलसीए की तुलना में अधिक उन्नत हैं। नया एलसीए मार्क 1ए 65 प्रतिशत देश में बनाया जा रहा है।












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