पंजाब: होशियारपुर के खेतों में हुई IAF के अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे की इमरजेंसी लैंडिग, पायलट सुरक्षित
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे ने पंजाब के होशियारपुर में लैंडिंग की है। यह एक इमरजेंसी लैंडिग है और खेतों में हेलीकॉप्टर को लैंड कराया गया है। हेलीकॉप्टर ने पठानकोट एयरबेस से टेकऑफ किया था। बताया जा रहर है कि हेलीकॉप्टर के कंट्रोल पैनल्स से जुड़ी एक चेतावनी जारी की गई थी और फिर इसे लैंड कराया गया है। इस हेलीकॉप्टर को पिछले वर्ष ही आईएएफ में शामिल किया गया है और अमेरिकी कंपनी बोइंग इसका निर्माण करती है।
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IAF करेगी घटना की जांच
घटना में पायलट पूरी तरह से सुरक्षित हैं। एयरफोर्स हेलीकॉप्टर को चेक करेगी और फिर इसे वापस पठानकोट एयरबेस ले जाया जाएगा। दुनिया का सबसे एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे सितंंबर 2019 में आधिकारिक तौर पर आइएएफ का हिस्सा बन गया। यह हेलीकॉप्टर पाकिस्तान बॉर्डर से बस 30 किलोमीटर पठानकोट पर तैनात किया गया है। अपाचे को अपाचे गार्डियन हेलीकॉप्टर के नाम से भी जाना जाता है। एएच-64ई (I) अपाचे गार्डियन एक एडवांस्ड और हर मौसम में हमला करने की क्षमता से लैस हेलीकॉप्टर है जिसे जमीन के अलावा हवा में मौजूद दुश्मन पर भी हमला करने में प्रयोग किया जा सकता है। यह हेलीकॉप्टर कम ऊंचाई पर पेड़ों और पहाड़ों के बीच भी उड़ान भर सकता है और दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है।
अगले वर्ष तक होंगे 22 अपाचे
अगले वर्ष के अंत तक भारत के पास 22 अपाचे का एक बेड़ा होगा। भारत दुनिया का 14वां ऐसा देश बन गया है जो जहां पर सेनाएं अपाचे ऑपरेट कर रही हैं। सितंबर 2015 में भारत सरकार ने अपाचे की खरीद को मंजूरी दी थी। साल 2017 में सेना के लिए अतिरिक्त छह अपाचे हेलीकॉप्टर्स की खरीद को मंजूरी दी गई थी।अप्रैल 1986 में अपाचे को अमेरिकी सेना में शामिल किया गया था। अपाचे को सन् 1981 तक एएच-64 नाम से जाना जाता था लेकिन बाद में अपाचे नाम दिया गया। अपाचे को अमेरिकी सेना के एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर प्रोग्राम के लिए डेवलप किया गया था। उस समय अमेरिकी सेना एएच-1 कोबरा हेलीकॉप्टर को प्रयोग करती थी। अपाचे ने पहली उड़ान 30 सितंबर 1975 को भरी थी।












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