टैरिफ के बाद भारत-अमेरिका के बीच किन-किन मुद्दों पर हुई बात? विदेश मंत्रालय ने किया खुलासा
India-US 2+2 Intersessional Dialogue: 26 अगस्त यानि मंगलवार को भारत और अमेरिका के सीनियर अधिकारियों ने वर्चुअल 2+2 इंटरसेशनल डायलॉग में भाग लिया। यह बैठक टैरिफ के तुरंत बाद हुई पहली आधिकारिक द्विपक्षीय बैठक थी, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई साझा रणनीतिक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह बातचीत द्विपक्षीय पहलों को आगे बढ़ाने और भारत-अमेरिका के संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

किसने किया बैठक का नेतृत्व?
भारत की ओर से बैठक की सह-अध्यक्षता अतिरिक्त सचिव (Americas) नागराज नायडू काकानूर (Nagaraj Naidu Kakanur) और संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) विश्वेश नेगी (Vishwesh Negi) ने की। अमेरिकी पक्ष से इसमें साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स के सीनियर ब्यूरो अधिकारी बेथानी पी. मॉरिसन (Bethany P. Morrison) और हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के लिए कार्यवाहक सहायक रक्षा सचिव जेडीडिया पी. रॉयल (Jedidiah P. Royal) शामिल थे।
क्या था बैठक का उद्देश्य?
बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाना, क्षेत्रीय सुरक्षा विकास पर चर्चा करना और साझा रणनीतिक प्राथमिकताओं पर दृष्टिकोण साझा करना था। यह बैठक विशेष महत्व रखती है क्योंकि इसे अमेरिकी द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद स्वीकार किया गया था। यह टैरिफ बुधवार से प्रभावी होंगे।
व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, ऊर्जा सुरक्षा (Energy Decurity) और असैन्य-परमाणु सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, मादक पदार्थों और आतंकवाद विरोधी सहयोग सहित कई अन्य रणनीतिक विषयों को भी उठाया गया।
टैरिफ के प्रभाव के बावजूद आगे बढ़ने के लिए तैयार दोनों देश
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संवाद ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों देश टैरिफ के प्रभाव के बावजूद आर्थिक और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
रक्षा सहयोग और 10-वर्षीय फ्रेमवर्क
दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए 10-वर्षीय ढांचे (Ten-Year Framework ) पर चर्चा की। बैठक में रक्षा उद्योग ( defense industrial), साइंस और टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन, ऑपरेटिंग कोऑर्डिनेशन, क्षेत्रीय सहयोग और सूचना साझा करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी सहमति बनी।
यह पहल न केवल द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करती है, बल्कि इंडो पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र में सामरिक स्थिरता और आपसी विश्वास को भी बढ़ावा देती है।
COMPACT पहल के तहत बढ़त
बैठक में भारत और अमेरिका ने COMPACT (सैन्य साझेदारी, व्यापार और तकनीक के अवसरों को बढ़ावा देने वाली योजना) के तहत अब तक किए गए सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस पहल से सैन्य सहयोग, व्यापार और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर लगातार बढ़ते रहेंगे।
इंडो पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और सहयोग
दोनों देशों ने क्वाड के माध्यम से इंडो पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक ने क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता, साझा सुरक्षा और आर्थिक विकास के एजेंडे को मजबूती देने का संदेश दिया।
भविष्य की राह
बैठक का समापन उत्पादक संवाद और द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका दोनों देश अपने लोगों के लाभ के लिए रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को निरंतर बढ़ाएंगे।












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