India budget 2022-23: वित्तमंत्री सीतारमण का बड़ा ऐलान, अब लोगों के लिए जारी होंगे E-Passports
Sitharaman Announces E-Passports - E-passports will be rolled out in 2022-23
नई दिल्ली। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बीच आज देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि, नागरिकों की सुविधा के लिए ई-पासपोर्ट शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, ई-पासपोर्ट वित्तीय वर्ष 2022-23 में जारी किया जाएगा। लोग काफी समय से ये चाहते थे।

2 नई बातें- चिप वाले ई पासपोर्ट और डाकघर में ATM
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश करते हुए 2 नई बातें जो कहीं, वो हैं- चिप वाले ई-पासपोर्ट जारी किए जाएंगे और डाकघर में एटीएम लगाए जाएंगे। सीतारमण ने कहा कि, ई-पासपोर्ट में एम्बेडेड चिप्स और फ्यूचरिस्टिक तकनीक का उपयोग करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, ई-पासपोर्ट में अधिक सुरक्षा विशेषताएं होंगी और इसमें रेडियो-फ्रीक्वेंसी पहचान और बायोमेट्रिक्स का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, ये पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप होंगे।
बताया जा रहा है कि, पासपोर्ट जैकेट में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप होगी जिस पर सुरक्षा संबंधी डेटा एन्कोडेड होगा। ये पासपोर्ट वर्तमान में पुस्तिकाओं में जारी किए जाते हैं। ई-पासपोर्ट से विश्व स्तर पर आव्रजन पदों के माध्यम से सुगम मार्ग की सुविधा की उम्मीद है और यह बायोमेट्रिक डेटा पर टिका होने के कारण ज्यादा सिक्योर भी होगा।

वित्त मंत्री निर्मला ने अपना चौथा बजट आज लोगों की तमाम उम्मीदों की लहर के बीच पेश किया। उन्होंने पीएम ई-विद्या प्रोग्राम का दायरा बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि, कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बंद रहने से गांव के बच्चों को दो साल शिक्षा से वंचित रहना पड़ा तो अब हमने निर्णय लिया है कि, पीएम ई-विद्या के तहत ऐसे बच्चों के लिए एक क्लास-एक टीवी चैनल प्रोग्राम के तहत अब चैनल 12 से बढ़ाकर 200 कर दिए जाएंगे। ये चैनल क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे।"
वित्त मंत्री बोलीं कि, देश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीक की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि, एक डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना भी की जाएगी।

डिजिटल शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2022-23 के वित्त वर्ष के लिए पेश किए गए बजट में आज कहा, "पीएम ईविद्या के तहत वन क्लास, वन टीवी चैनल कार्यक्रम को 12 से 200 टीवी चैनलों में विस्तार किया जाएगा। ये सभी राज्यों को क्साल 1 से लेकर 12 तक के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में पूरक शिक्षा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।"

इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना का ऐलान किया। जानकारों का कहना है कि, केंद्र सरकार महामारी की वजह से शिक्षा क्षेत्र को हुए नुकसान की भरपाई को देखते हुए डिजिटल शिक्षा पर फोकस कर रही है।












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