भारत ने क्विक रिएक्शन मिसाइल का किया गया सफल परीक्षण,जानें-इनकी खासियत
नई दिल्ली। भारत ने आज शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर के तट से जमीन से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (QRSAM) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह मिसाइल ऐसी मिसाइल है जो हवा में उड़ रहे किसी भी चीज को मारने में सक्षम है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने हवा में अपने टारगेट को ध्वस्त कर दिया। इससे पहले पिछले महीने भी भारत ने डीआरडीओ द्वारा विकसित नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल परीक्षण किया था।

मिसाइल का प्रक्षेपण आईटीआर चांदीपुर से दोपहर बाद 3.50 बजे ओडिशा तट से किया गया। मिसाइल सिंगल-स्टेज-सॉलिड-प्रोपलेंट रॉकेट मोटर द्वारा संचालित है और सभी स्वदेशी उप-प्रणालियों का उपयोग करती है। डिफेंस मिनिस्ट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, यह मिसाइल परिवहन के लिए कैनिस्टराइज़्ड है और मोबाइल लॉन्चर का उपयोग करने में सक्षम है, जो 6 कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है।
सभी QRSAM हथियार प्रणाली तत्वों जैसे बैटरी मल्टीफंक्शन रडार, बैटरी सर्विलांस रडार, बैटरी कमांड पोस्ट व्हिकल और मोबाइल लॉन्चर को परीक्षण के दौरान इस्तेमाल किया गया था आल वेदर व आल टैरेन क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक काउंटर सिस्टम से लैस है, जिससे यह एयरक्राफ्ट रडार के जैमर के खिलाफ जाकर मार कर सकता है। इसके लिए ठोस ईंधन का उपयोग होता है। इस मिसाइल की रेंज 25 से 30 किलोमीटर तक है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉक्टर जी सतीश रेड्डी ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। इससे पहले पिछले महीने DRDO द्वारा निर्मित नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का राजस्थान के पोखरण में सफल परीक्षण किया गयाएक नाग मिसाइल कैरियर (NAMICA) से दागी गई नाग मिसाइल प्रणाली हमारे लक्ष्यों को 4 से 7 किलोमीटर की सीमा तक ले जा सकती है और इसे अपने लक्ष्य के लिए घर पर एक उन्नत साधक के साथ फिट किया जाता है। नाग मिसाइल एक तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है।












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