VIDEO: भारत ने किया पोर्टेबल एंटी टैंक मिसाइल का सफल परीक्षण, टारगेट को यूं उड़ाया
अमरावती। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के कुर्नूल फायरिंग रेंज से मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। इसने टारगेट पर सटीक निशाना लगाया। यह मिसाइल प्रणाली का तीसरा सफल परीक्षण है जिसे भारतीय सेना की तीसरी पीढ़ी के एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की जरूरत के लिए विकसित किया गया है।

मिसाइल को एक पोर्टेबल ट्राइपॉड लॉन्चर से लक्ष्य पर फायर किया गया था। मिसाइल ने शीर्ष मोड में लक्ष्य पर वार किया और उसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल कई उन्नत सुविधाओं से लैस है। इसमे अल्ट्रा-आधुनिक इमेजिंग इन्फ्रारेड रडार शामिल है। तीसरी पीढ़ी की यह मिसाइल एक उच्च विस्फोटक के साथ भरी हुई है। इस मिसाइल की अधिकतम मारक क्षमता लगभग 2.5 किलोमीटर है।
डीआरडीओ ने जानकारी दी है कि कि यह मिसाइल वजन में इतनी हल्की है कि इसे इधर उधर आसानी से ले जाकर उपयोग में ले सकते हैं। इसे किसी ऊंची पहाड़ी पर या दूसरी किसी जगह पर आसानी से ले जाया जा सकता है। इसकी खासियत है कि यह दिन और रात दोनों समय दुश्मन पर वार कर सकती है। यह मिसाइल अचूक निशाना साधती है और दुश्मन के टैंक का पीछा करते हुए उसे तबाह कर देती है।
2021 तक इस मिसाइल का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा। इससे पहले भारतीय सेना ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में तीसरी पीढ़ी के एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल 'नाग' का सफल परीक्षण किया था। नाग मिसाइल को भी डीआरडीओ ने विकसित किया है। अब तीसरी पीढ़ी के गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल नाग को बनाने का काम इस साल के आखिर में शुरू हो जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications