जानिए कौन हैं गणतंत्र दिवस पर सम्‍मानित होने वाले सर्जिकल स्‍ट्राइक के जाबांज

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नई दिल्‍ली। 26 जनवरी को देश ने अपना 68वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस मौके पर कई ऐसे पल आए जो हमेशा गर्व की अनुभूति कराते रहेंगे। इन्‍हीं कुछ पलों में एक पल ऐसा भी था जब देश ने सर्जिकल स्‍ट्राइक के हीरोज को सलाम किया। 26 जनवरी को उन 19 कमांडोज को पुरस्‍कार दिया गया है जिन्‍होंने सितंबर 2016 को पीओके में घुसकर आतंकियों के कैंपों को नष्‍ट किया था।

देश ने किया सम्‍मान 

मेजर रोहित सूरी जो कि 4 पैरा के कमांडो हैं उन्‍हें कीर्ति चक्र से सम्‍मानित किया गया। यह सम्‍मान अशोक चक्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा सम्‍मान है जो सेना की ओर से दिया जाता है। मेजर रोहित के अलावा 4 और 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज के कमांडिंग ऑफिसर्स को युद्ध सेवा मेडल से सम्‍मानित किया गया। 18 सितंबर 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद इंडियन आर्मी ने पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था। 28-29 सितंबर को हुई इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में करीब 30 आतंकी मारे गए थे। कीर्ति चक्र सेना का दूसरा सर्वोच्‍च सम्‍मान है जो उन सैनिकों को मिलता है जो किसी खास ऑपरेशन में बहादुरी का परिचय देते हैं। पढ़ें-जानिए इंडियन आर्मी, एयर फोर्स और नेवी के स्‍पेशल कमांडोज के बारे में

बहादुरी को सलाम

बहादुरी को सलाम

गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की ओर से सितंबर में हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक में शामिल ऑफिसर्स और जवान समेत 19 कमांडोज को गैलेंट्री पुरस्‍कार दिए गए हैं। इन पुरस्‍कारों के जरिए इन सभी की बहादुरी के बारे में देश को एक बार फिर से बताया गया और गणतंत्र दिवस वाले दिन उनकी बहादुरी को सलाम किया गया।

 कमांडोज को क्‍या मिला

कमांडोज को क्‍या मिला

4 पैरा और 5 पैरा के कमांडोज को देश का दूसरा शांति पुरस्‍कार यानी कीर्ति चक्र दिया गया। पांच कमांडोज को शौर्य चक्र मिला तो 13 को सेना मेडल से पुरस्‍कृत किया गया है। सर्जिकल स्‍ट्राइक के बारे सारी जानकारी सेना की ओर से दी गई थी लेकिन कौन से कमांडो ने किस काम को अंजाम दिया, जिसकी वजह से उन्‍हें सम्‍मान मिला, इस बारे में सेना की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है।

क्‍या किया था इन कमांडोज ने

क्‍या किया था इन कमांडोज ने

29 सितंबर को इंडियन आर्मी के स्‍पेशल कमांडोज पाकिस्‍तान के हिस्‍से वाले कश्‍मीर के अंदर तक दाखिल हुए थे। इन कमांडोज ने आतंकवादियों के सात कैंप्‍स को तबाह कर दिया था। करीब 250 किलोमीटर के क्षेत्र में सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया गया था। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में पाकिस्‍तान मिलिट्री के भी कुछ स्‍थानों को तबाह कर दिया था। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में करीब 40 आतंवादियों को मारा गया था जो भारत में घुसपैठ की कोशिशों में लगे थे।

 बहादुरों के नाम

बहादुरों के नाम

4 पैरा के मेजर रोहित सूरी को कीर्ति चक्र, 4 पैरा के ही मेजर राज चंद्र, 9 पैरा के मेजर दीपक कुमार उपाध्‍याय, 4 पैरा के कैप्‍टन आशुतोष कुमार, 9 पैरा के पैराट्रूपर अब्‍दुल कांद नायब और चार पैरा के सूबेदार विजय कुमार को शौर्य चक्र दिया गया था। शौर्य चक्र तीसरा सबसे बड़ा पुरस्‍कार है। बाकी कमांडोज को सेना मेडल मिला है।

 कमांडिंग ऑफिसर्स भी सम्‍मानित

कमांडिंग ऑफिसर्स भी सम्‍मानित

9 पैरा के कमांडिंग ऑफिसर्स कर्नल कपिल यादव और 4 पैरा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हरप्रीत संधू को युद्ध सेवा मेडल दिया गया। युद्ध सेवा मेडल भारतीय सेना का सर्वोच्‍च सम्‍मान है और ऑपरेशन के समय किसी खास सेवा के लिए ही सैनिकों को दिया जाता है। यह पुरस्‍कार युद्ध, संघर्ष या फिर बंधक की स्थिति में सैनिक को मरणोपरांत दिया जाता है।

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English summary
India salutes its Surgical Strike heroes on Republic day as 19 Soldiers have been awarded with various gallantry awards.
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