कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 2.5 लाख के पार, 24 घंटों में मिले 9983 नए केस
देश में कोरोना वायरस के मामलों में सोमवार को अभी तक की सबड़े बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई...
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामलों में सोमवार को अभी तक की सबड़े बड़ी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर कोरोना वायरस के 9983 नए केस सामने आए हैं। इन नए केसों के बाद कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 256611 हो गई है। वहीं, इस दौरान 206 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है और मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 7135 हो गया है।
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124095 मरीज अभी तक ठीक
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक कोरोना वायरस के 124095 मरीज ठीक हो चुके हैं, जिसके बाद देश में एक्टिव केस फिलहाल 125381 हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक आज से देशभर में धार्मिक स्थल, होटल, मॉल्स और रेस्टोरेंट खुल गए हैं। गाइडलाइन में बताया गया है कि इन सभी जगहों पर सोशल डिस्सटेंसिंग का पालन करना और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

दिल्ली में फिलहाल नहीं खुलेंगे होटल
धार्मिक स्थल, मॉल्स, होटल और रेस्टोरेंट खोलने की छूट ऐसे समय में दी गई है, जब देश में रिकॉर्ड संख्या में ना केवल कोरोना वायरस के संक्रमित मामले आ रहे हैं, बड़ी संख्या में मरीजों की मौत भी हो रही है। वहीं, राजधानी दिल्ली में सोमवार से मॉल, रेस्त्रां और धार्मिक स्थल खुलने की इजाजत तो दी गई है, लेकिन होटल और बैंकट हॉल अभी भी बंद ही रहेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि इन्हें भविष्य में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

दिल्ली के अस्पतालों में अब केवल दिल्ली के लोगों का इलाज
इससे पहले रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक राजधानी के बॉर्डर खोले जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के अस्पतालों में फिलहाल केवल दिल्ली के लोगों का ही इलाज होगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के निजी और सरकारी अस्पतालों में मरीज को भर्ती कराने से पहले आईडी प्रूफ दिखाना होगा। इसके लिए सभी अस्पतालों में हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं। हालांकि इमरजेंसी के हालात में, सड़क दुर्घटना और एसिड अटैक आदि की घटना में घायल को भर्ती करने से अस्पताल मना नहीं कर सकते।












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