कश्मीर में नहीं चाहिए चीन का दखल, पाक से बात करने को तैयार भारत
बीजिंग। भारत ने गुरुवार को कश्मीर पर रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए चीन की पेशकश को खारिज कर दिया और कहा, "द्विपक्षीय ढांचे में पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को संबोधित करने के लिए नई दिल्ली की स्थिति बदली नहीं है।"
चीन की इस पेशकश पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि " वास्तव में जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों सहित भारत पर क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद का मुद्दा है। उन्होंने कहा सीमा पार कि एक विशेष स्रोत से शांति का माहौल खराब करने की धमकी आती है जो भारत और इसके अन्य पड़ोसियों की स्थिरता के लिए खतरा है।

बता दें कि चीन ने बुधवार को कहा था कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में "रचनात्मक भूमिका" निभाने के लिए तैयार था। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बागले ने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ एक द्विपक्षीय ढांचे के तहत कश्मीर पर बातचीत के लिए तैयार हैं।
पाक के आरोप किए खारिज
उन्होंने जोरदार रूप से पाकिस्तान द्वारा आरोपों को भी खारिज कर दिया कि भारत कश्मीर में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, और कहा कि भारत किसी भी स्थिति में किसी भी व्यक्ति द्वारा कहीं भी रासायनिक हथियार के इस्तेमाल के खिलाफ है। बागले ने बीते साल 8 जुलाई को सुरक्षबलों की कार्रवाई में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की प्रशंसा करने पर भी पाक सरकार पर हमला किया।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जींग शुआंग ने पहले कहा था कि भारत और पाकिस्तान दक्षिण एशियाई देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन "कश्मीर की स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करती है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए, जींग ने कहा, "कश्मीर के नियंत्रण रेखा के निकट संघर्ष हुआ तो यह न केवल दोनों देशों की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगा बल्कि क्षेत्र की शांति को भी खतरा पहुंचाएगा।












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