नेपाल पर सख्त हुआ भारत, उठाया सीमा पर फायरिंग का मामला
नई दिल्ली। भारत और नेपाल के बीच जारी सीमा विवाद के बीच लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को भारत ने नेपाल के रवैए पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि, भारत ने हमेशा नेपाल के साथ बातचीत पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हाल में निचले सदन में संविधान संशोधन बिल पास करने से पहले भारत ने नेपाल की सरकार से संपर्क किया। वर्चुअल बातचीत और विदेश सचिव के दौरे का ऑफर दिया गया, लेकिन पीएम ओली ने आगे बढ़ते हुए भारत के खिलाफ कदम उठाया।

भारत ने कहा कि, आश्चर्यजनक बात यह है कि, नेपाल ने अपने नगारिकों को भारत के ऑफर के बारे में नहीं बताया।भारत ने नेपाल सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, नेपाल ने अब एक मुश्किल परिस्थिति खड़ी कर दी है। अब यह उनकी सरकार पर है कि बातचीत के लिए एक अच्छा माहौल तैयार करें। इसके अलावा भारत ने नेपाल के गृह मंत्रालय और उनके दिल्ली स्थित मिशन में भारतीय नागरिक की मौत का मामला उठाया है।
भारत ने कहा कि, नेपाल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। काठमांडू स्थिति भारतीय मिशन के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने हिरासत में रखे गए भारतीय नागरिक को 13 जून को छोड़ा। जानकारी के मुताबिक, नेपाल ने उस बॉर्डर पोस्ट से अपने जवानों को थोड़ा पीछे कर लिया है जहां फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के बाद नेपाल सशस्त्र पुलिस नारायणपुर पोस्ट छोड़कर पीछे हट गई है। करीब 100 मीटर पीछे हटने के साथ ही नेपाल पुलिस ने जवानों की संख्या में इजाफा कर दिया है।
बता दें कि भारत-नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र में गत शुक्रवार सुबह नेपाल के सीमा सुरक्षा बलों द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोग घायल हुए थे। फायरिंग में बुरी तरह जख्मी विकेश यादव की जहां अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं उमेश राम और उदय ठाकुर नामक दो अन्य व्यक्तियों का फिलहाल इलाज चल रहा है।












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