भारत में अगले दस साल में पैदा करने होंगे नौ करोड़ नए रोजगार: रिपोर्ट
नई दिल्ली। मैकेंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि अगले दस साल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या होगी और भारत को 2030 तक नौ करोड़ रोजगार की जरूरत होगी। रिपोर्ट कहती है कि 2022-2023 से लेकर 2029-2030 तक यानी इन आठ साल में और नौ करोड़ लोग गैर कृषि रोजगार की तलाश में रहेंगे। इन लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए भारत की ग्रोथ रेट का 8 से 8.5 फीसदी के बीच होना जरूरी है। इसके लिए गैर कृषि सेक्टर में हर साल 1.20 करोड़ नए रोजगार के मौके बनाने होंगे।
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छह करोड़ युवा रोजगार मार्केट में दाखिल होंगे
इंडिया टर्निंग प्वाइंट-एन इकॉनमिक एडेंजा टू ग्रोथ एंड जॉब्स नाम से अपनी रिपोर्ट में मैकेंजी ग्लोबल इंस्टीट्यूट ने कहा है कि आने वाले समय में छह करोड़ नए युवा रोजगार मार्केट में दाखिल होंगे। इसके अलावा तीन करोड़ लोग खेती से निकलकर दूसरे सेक्टर में जॉब तलाश सकते हैं।

इन तीन क्षेत्र में ध्यान देने की जरूरत
रिपोर्ट कहती है कि जो हालात हैं, उनको देखते हुए भारत में बड़े आर्थिक सुधार की जरूरत है। अगर सुधार ना किए गए तो लंबे समय के लिए अर्थव्यवस्था मुश्किल में फंसे रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार मैन्युफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट्स और डिजिटल सर्विस पर अगर ध्यान दे तो ग्रोथ बढ़ा सकती है और नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

लगातार जा रही हैं नौकरियां
लॉकडाउन के बाद देश की अर्थव्यवस्था काफी बुरे हालात से गुजर रही है। देश में बोरोजगारी चिंताजनक हालात में है। बीते पांच महीनों में करीब 1.89 करोड़ लोगों की नौकरियां देश में गई हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के मुताबिक सिर्फ जुलाई महीने में ही 50 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं। सीएमआईई के कंज्यूमर पिरामिड्स हाउसहोल्ड सर्वे के अनुसार, अप्रैल से जून के दौरान करीब 1.7 करोड़ लोगों की नौकरियां गईं लेकिन जुलाई में तो हालत और खराब रही और इस एक महीने में 50 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं।












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