Modi Cabinet: शोध कार्यों के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा निर्णय, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने "वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन" योजना को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का उद्देश्य शोध लेखों और जर्नल प्रकाशनों तक देशव्यापी पहुंच प्रदान करना है। यह पहल केंद्र की ओर से 6,000 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इस योजना को केंद्र की ओर से तीन वर्षों - 2025 से 2027 तक क्रियान्वित किया जाएगा।
वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन का लक्ष्य पिछले एक दशक से भारतीय सरकार द्वारा शुरू की गई शिक्षा संबंधी पहलों के दायरे को बढ़ाना है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुँच को अधिकतम करना है और यह अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) पहल का पूरक होगा। यह प्रयास सरकारी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, शोध संस्थानों और अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं में शोध और नवाचार को बढ़ावा देता है।

यह योजना केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा संचालित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्र सरकार के अनुसंधान एवं विकास संस्थानों को लाभान्वित करेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का एक स्वायत्त अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र, सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET), एक राष्ट्रीय सदस्यता का समन्वय करेगा।
यह पहल 6,300 से अधिक संस्थानों को कवर करती है, जिससे लगभग 1.8 करोड़ छात्रों, संकाय और शोधकर्ताओं को संभावित रूप से लाभ होगा। यह विकसित भारत@2047, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ANRF लक्ष्यों के अनुरूप है। इस योजना का उद्देश्य सभी विषयों में छात्रों, संकाय, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए विद्वत्तापूर्ण पत्रिकाओं तक पहुँच का विस्तार करना है।
उच्च शिक्षा विभाग वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन के लिए एक एकीकृत पोर्टल स्थापित करेगा। संस्थान इस पोर्टल के माध्यम से पत्रिकाओं तक पहुँच सकते हैं। ANRF समय-समय पर इन संस्थानों द्वारा इस योजना और इन संस्थानों के भारतीय लेखकों द्वारा प्रकाशनों के उपयोग की समीक्षा करेगा।












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