भारत में पहली स्वदेशी टेस्ट किट तैयार, फ्लू या कोविड समेत 3 संक्रमणों का एक ही सैंपल से करेगी पर्दाफाश
इस किट के जरिए तीन संक्रमणों- इन्फ्लुएंजा ए, बी और सार्स-सीओवी-2 का एक ही सैंपल से पता चल पाएगा। पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने इसे तैयार किया है।

फ्लू या कोविड पता लगाने के लिए अब अलग जांच की जरूरत नहीं होगी। जी, हां भारत में पहली स्वदेशी टेस्ट किट विकसित हो चुकी है। इस किट को पुणे की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) ने तैयार किया है।
इस किट के जरिए तीन संक्रमणों- इन्फ्लुएंजा ए, बी और सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2) का पता आसानी से लगाया जा सकता है। एनआईवी चाहता है कि इच्छुक कंपनियां इसे बड़े पैमाने पर बाजार में लाएं। एनआईवी के इन्फ्लुएंजा डिवीजन की प्रमुख डॉ. वर्षा पोतदार बताते हैं कि किट को इन्फ्लुएंजा ए, बी और कोविड-19 का पता लगाने के लिए मल्टीप्लेक्स सिंगल ट्यूब रियलटाइम आरटी-पीसीआर टेस्ट के रूप में जाना जाता है।
कई संक्रमणों का निदान करने में सक्षम
डॉ. वर्षा पोतदार के मुताबिक, यह एक परीक्षण के माध्यम से तीन संक्रमणों का पता लगाने का एक आसान, समय बचाने वाला और कुशल तरीका होगा। आगे कहा कि एकल ट्यूब का अनिवार्य रूप से मतलब है कि एक व्यक्ति के एकल नमूने का उपयोग करके, हम कई संक्रमणों का निदान करने में सक्षम होंगे। टेक्नीशियनों को सैंपल की अलग से जांच नहीं करनी होगी।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एक सहयोगी संस्थान ने 15 मई को कंपनियों से थोक में किट बनाने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) भी मांगा था। तीन संक्रमणों के लक्षण ओवरलैप होते हैं, जिससे इस तरह की किट विशेष रूप से फ्लू के मौसम में उपयोगी होती है।
तो ऐसे काम करेगी किट
डॉ. वर्षा पोतदार बताते हैं कि यह किट कोविड-19 टेस्ट किट की तरह ही काम करेगी। एक रोगी के नाक और गले की लार का सैंपल लिया जाएगा। इस एक नूमने से टेक्नीशियन कई बीमारियों का पता लगा पाएंगे।











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