दोस्‍ती का दम भरने वाले चीन ने भारत को न्‍योता तक नहीं भेजा

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नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर सालों से चली आ रही पारंपारिक बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) इस बार नहीं होगी। मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग की मेजबानी भारत-चीन सीमा के पांच चुनिंदा प्वॉइंट्स पर करता है लेकिन इस बार चीन ने भारतीय सैनिकों को इस मीटिंग के लिए न्योता नहीं भेजा है। इससे पहले भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 15 अगस्त को बॉर्डर पर्सनल मीटिंग हुई थी तब दोनों देशों के सैनिकों ने मीटिंग के बाद एक-दूसरे को मिठाई दी थी। चीन के इस फैसले को डोकलाम विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

दोस्‍ती का दम भरने वाले चीन ने भारत को न्‍योता तक नहीं भेजा

डोकलाम में भारत और चीन की सेनाए 72 दिनों तक एक आमने-सामने रहीं थीं। बाद में चीन ने अपनी सेना का पीछे हटाने का फैसला लिया और विवाद सुलझता हुआ दिखा लेकिन बीतें दिनों चीन ने एक बार डोकलाम विवाद को हवा दी। चीन ने दोकलाम पर अपना दावा करता है यह इलाका उसके क्षेत्र में आता है जबकि यह भूटान का हिस्सा है। भूटान की अपील पर भारतीय सेना डोकलाम गई थी।

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चीन की तरफ से भारतीय सैनिकों को बीपीएम मीटिंग के लिए न्योता न देना इसलिए भी हैरान करने वाला है कि बीतें दिनों भारत में चीन के राजनियक, लू झाओहुई ने दोनों देशों के बीच अच्छे संबंधों की वकालत की थी। लू ने भारत और चीन के बीच के बीच पुराने दिनों की दोस्ती को याद करते हुए कहा था अब भारत और चीन को सबकुछ भूलकर साथ चलने चाहिए और यही सही वक्त है जब दोनों दोस्स दोस्ती की नई ईबारत लिखें

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English summary
india and china will not traditional border personnel meeting this time
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