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India-China relations:यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह पर क्यों भड़का चीन

नई दिल्ली- उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के एक विवादित बयान पर चीन को जबर्दस्त मिर्ची लगी है। स्वतंत्रदेव सिंह ने जो कुछ भी दावा किया, उसे भारत में कोई ज्यादा तबज्जो नहीं मिली है, लेकिन लगता है की चीन की सरकारी मीडिया ने उसे कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया है। दरअसल, दो दिन पहले ही उनका एक वीडियो खूब वायरल हुआ था, जिसमें बलिया की एक रैली में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों के बारे में बढ़चढ़ कर दावे करते नजर आ रहे थे। इसमें उन्होंने कहा था कि चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध कब होगा ये भी पीएम मोदी ने पहले से तय कर रखा है। चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के प्रोपेगेंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इसी बात को लेकर उनपर निशाना साधा है।

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    India-China relations:Why is China furious over UP BJP President Swatantradev Singh

    उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने हाल ही में दावा किया था कि "ये मोदीजी ने तय..........सब तिथि तय है मित्रों.....कब क्या होना है.....सब तय है......370 धारा कब समाप्त होगा...राम मंदिर का निर्माण कब होगा....पाकिस्तान से युद्ध कब होगा, चाइना से युद्ध कब होगा......." इसी बात पर भड़कते हुए ग्लोबल टाइम्स ने अपने लेख में लिखा है 'इस तरह के दावों से भारतीयों के मन में यह गलत धारणा बैठ जाएगी कि भारत इतना ताकतवर है कि अगर चीन और पाकिस्तान के साथ जंग होती है तो वह निश्चित ही जीत जाएगा।'

    शी जिनपिंग की सरकार के ओर से अहंकार भरे अंदाज में ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, 'हालांकि, राजनीतिक तौर पर भारत एक प्रमुख शक्ति है, लेकिन अगर चीन के साथ युद्ध भड़का तो उसकी हार तय है।' भारत-चीन के कोर कमांडर लेवल की आठवीं दौर की संभावित बातचीत का जिक्र करते हुए चाइनीज सरकार का मुखपत्र एक तरह से भारत को धमकाने के अंदाज में लिखता है, 'भारत को बेलगाम दृष्टिकोण और कट्टर राष्ट्रवादी भावनाओं को बढ़ावा देने के बजाय सद्भावना भरे संकेत देने की जरूरत है।' हालांकि, इसने ये भी माना है कि स्वतंत्रदेव सिंह बीजेपी की अगुवाई वाली भारत सरकार के आधिकारिक नजरिए का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते और वह राजनीति के तहत ऐसा कर रहे हैं।

    लेकिन, इसके साथ ही चाइनीज पेपर ने जिस तरह से भारत की आंतरिक राजनीति में घुसकर यूपी बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ अपनी भड़ास निकालने की कोशिश की है, वह कुछ ज्यादा ही हास्यास्पद नजर आ रहा है। इसमें तथ्यों की ठीक से छानबीन किए बिना मध्य प्रदेश (अभी भाजपा सरकार है), राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा की सत्ता से विदाई का हवाला देते हुए लिखा है कि इससे सत्ताधारी बीजेपी के सरकार चलाने की क्षमता पर सवाल उठते हैं। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक ये सभी चुनाव 2018 के आखिर में हुए थे। इसी को लेकर जिनपिंग के अखबार ने लिखा कि 'स्वतंत्रदेव सिंह ने भाजपा की प्रतिष्ठा फिर से स्थापित करने में मदद नहीं की, लेकिन बिना परिणामों की चिंता किए युद्ध की ज्वाला को भड़काया। भारत-चीन के बीच तनाव के मौजूदा माहौल में वह भाजपा के लिए तात्कालिक नजरिए से थोड़ा समर्थन जुटा सकते हैं, लेकिन वह भारतीयों को एक अव्यावहारिक मार्क पर ले जा रहे हैं।'

    इसके बाद चाइनीज अखबार ने स्वतंत्रदेव सिंह के बहाने भारत को कोरोना वायरस से निपटने और अर्थव्यवस्था दुरुस्त करने की कुछ नसीहत भी दे डाली है। ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि 'अगर भारत लड़ाई जीतना चाहता है तो उसे कोरोना वायरस (जिसे चीन ने कथित तौर पर जानबूझकर {या शायद अनजाने में} दुनिया भर में फैलाने में भूमिका निभाई है) के खिलाफ लड़ना चाहिए, जिसमें भारत पूरी तरह से नाकाम रहा है।' इसके बाद चीन अपनी पीठ थपथपाते हुए तंज कसता है कि 'जब भारत में एक क्षेत्रीय नेता युद्ध की वकालत कर रहे हैं, चीन के अधिकारी कोरोना महामारी को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास कर रहे हैं।' इसके अनुसार, 'चीन की अर्थव्यस्था में 'नाटकीय' सुधार में कोई मिथक नहीं है, बल्कि केवल अधिकारियों का व्यावहारिक और जनहित वाला रवैया रहा है।'

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