India China face-off: नहीं बाज आ रहा China, अरुणाचल में आमने-सामने आए इंडो-चीन सैनिक
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर। एक बड़ी खबर अरुणाचल प्रदेश से है, जहां भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनातनी हुई है। यहां एलएसी पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच घंटों संघर्ष के हालात बने रहे, हालांकि रक्षा सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक इस बारे में बातचीत चली और फिर मसले को सुलझा लिया गया है ,जिससे संघर्ष की स्थिति पैदा नहीं हुई।
Recommended Video

ANI के मुताबिक ये घटना पिछले हफ्ते की है, जिसमें किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में चीन के करीब 200 सैनिक LAC क्रास करके इंडिया के एरिया में घुस आए थे, जिन्हें भारतीय सैनिकों ने रोका था, जिसके बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी लेकिन बातचीत से चीजों को सुलझा लिया गया, फिलहाल अभी हालात कंट्रोल में है।
पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की तैनाती
तो वहीं एक रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मुख्यालय पर पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों की तैनाती हुई है। ऐसी खबर है कि PAK अधिकारियों को चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड और सदर्न थिएटर कमांड के मुख्यालय में तैनात किया गया है।
हालात अभी नियंत्रण में
आपको बता दें कि 2 अक्टूबर को लद्दाख विवाद पर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा था कि 'सीमा पर हालात अभी नियंत्रण में हैं लेकिन चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के दूसरी तरफ काफी निर्माण कार्य किया है। चीन वहां अपने ज्यादा से ज्यादा सैनिकों की तैनाती की फिराक में है लेकिन भारत उससे हर तरह से निपटने को तैयार हैं, सुरक्षा तंत्र चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए है लेकिन हम बातचीत से विवाद को सुलझाना चाहते हैं और इसी वजह से लगातार बातचीत का सिलसिला जारी है।' मालूम हो कि लद्दाख विवाद पर अभी तक 12 राउंड बातचीत हो चुकी है, बावजूद इसके अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
पाकिस्तान पर साधा निशाना
तो वहीं पाकिस्तान के लिए सेना प्रमुख ने कहा था कि 'बार्डर पर पिछले 2 महीने से घुसपैठ की कोशिशें हुई हैं, हालांकि वो नाकाम रही,जो प्रमाण मिले है उससे पता चला है कि इसमें सरहद पार लोगों का हाथ रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि बार्डर पर घुसपैठ हो और पाक सैनिकों को कुछ पता ना हो, ये संभव नहीं है।'
चीन ने उगला जहर
हालांकि पिछले महीने चीन ने एक बयान जारी करके साल 2020 जून में हुए गलवान घाटी संघर्ष के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गये थे और चार चीनी सैनिक मारे गए थे। उसने कहा था कि भारत ने सीमा संबंधी सभी समझौतों का उल्लंघन किया और चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण किया है। भारत ने चीन के सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।












Click it and Unblock the Notifications