'अगले 5 साल में 10 लाख नौकरियां देगी केंद्र सरकार', भारत आस्ट्रेलिया व्यापार समझौते पर बोले केंद्रीय मंत्री
नई दिल्ली, 2 अप्रैल। केंद्र सरकार की ओर से बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद कही है। उन्होंने कहा है कि अगामी पांच वर्षों में भारत में 10 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही भारतीय रसोइयों के लिए कई नए अवसर उपलब्ध होंगे।

भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा 'लोगों को उम्मीद नहीं थी कि विकसित देशों के साथ भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर पाएगा। ये एक ऐसा देश है जहां के लोगों के साथ भारत के बहुत अच्छे संबंध हैं, हम दोनों एक-दूसरे की मदद करते हैं।' केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा 'हम अगले 4-5 वर्षों में भारत में 10 लाख नौकरियों के सृजन की उम्मीद करते हैं। भविष्य में भारतीय शेफ और योग प्रशिक्षकों के रोजगार के लिए कई नए अवसर खुलेंगे।
मंत्री गोयल ने कहा कि भारत और आस्ट्रेलिया एक नेचुरल पार्टनर हैं, जो लोकतंत्र, कानून के शासन और पारदर्शिता के साझा मूल्यों जुड़े हुए हैं। भारत और आस्ट्रेलिया ने 2 भाइयों की तरह एक दूसके का कोरोना जैसी महामारी निपटने में सहयोग किया है। आस्ट्रेलिया से आने वाला कच्चा माल भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहतर है। आस्ट्रेलिया के साथ व्यापार आगे बढ़ाने से भारत में अगले चार से पांच वर्षों के भीतर 10 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वे विदेशों से व्यापार बाधाओं को दूर कर रहे हैं। जिससे भविष्य में व्यापार दोगुना होने की उम्मीद है। रोजगार से जुड़े क्षेत्रों के लिए काफी संभावनाएं बनेंगी। अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 27 बिलियन से लगभग 45-50 बिलियन तक ले जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भारत के एक लाख से अधिक विद्यार्थी रह रहे हैं। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वर्क और हॉली-डे वीजा व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि छात्रों के लिए विशेष रूप से एसटीईएम स्नातकों के लिए 2 से 4 वर्षों के बीच अध्ययन के बाद का कार्य वीजा उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा संस्थानों के सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई है। आस्ट्रेलिया के साथ व्यापारसमझौते के तहत होम फर्निशिंग, परिधान, स्पोर्ट्सवियर, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और पर्यटन क्षेत्रों में काफी हद तक नौकरियां पैदा होंगी ।












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