बदलापुर मामले में हाईकोर्ट ने पीड़िताओं से पूछा, कहा-'क्या आपने स्कूल के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया'
महाराष्ट्र में हिंसक प्रदर्शनों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने बदलापुर में दो लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट को बताया गया कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है ताकि कोई गलती न हो।
अदालत ने पूछा कि क्या मामला यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था? महाधिवक्ता बीरेन सराफ ने इसकी पुष्टि की और बताया कि मामला दर्ज होने के दौरान एक महिला अधिकारी मौजूद थी।

न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ इस मामले की निगरानी कर रही है। अदालत ने पूछा कि क्या स्कूल के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है। यह देखते हुए कि पोस्को प्रावधान ऐसे अपराधों की रिपोर्ट न करने के लिए संबंधित स्कूल अधिकारियों को मामले में पक्ष बनाने की अनुमति देता है।
सराफ ने कहा कि एफआईआर से पता चलता है कि लड़कियों ने स्कूल अधिकारियों से शिकायत की थी। उन्होंने यह भी बताया कि गहन समीक्षा के बाद एक विशेष जांच दल अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगा।
इस मामले की केंद्रीय मंत्री और उत्तरी मुंबई से भाजपा सांसद पीयूष गोयल ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सजा से ऐसे अपराध करने वाले सभी लोगों के दिलों में डर पैदा होना चाहिए। सीएम और डीसीएम ने इस मामले का संज्ञान लिया है। मुझे उम्मीद है कि फास्टट्रैक कोर्ट के जरिए आरोपियों को जल्द और कड़ी सजा मिलेगी।
Badlapur alleged sexual assault case | The High Court was told that the investigation has started from every angle, and there will be no mistake anywhere. The court asked if the case was registered under POCSO. Advocate General Biren Saraf said yes, and a woman officer was…
— ANI (@ANI) August 22, 2024
आपको बता दें कि बदलापुर के एक स्कूल में चौथी कक्षा की दो लड़कियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ था। इस घटना के कारण बदलापुर में लोगों में काफी आक्रोश है। 17 अगस्त को पुलिस ने इन लड़कियों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक स्कूल अटेंडेंट को गिरफ्तार किया।
महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने महाराष्ट्र के हर पुलिस स्टेशन में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष शाखाएं या मिनी-पुलिस स्टेशन स्थापित करने का सुझाव दिया है। यह सिफारिश बदलापुर में अपराध दर्ज करने में पुलिस द्वारा कथित देरी के बाद की गई है। मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बुधवार को एमएससीपीसीआर की अध्यक्ष सुसीबेन शाह ने इस पहल के संबंध में विस्तृत योजना साझा की।












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