एलोपैथी पर विवादित बयान को लेकर IMA ने रामदेव को भेजा लीगल नोटिस
नई दिल्ली, मई 22: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शनिवार को योग गुरु रामदेव को एलोपैथी के खिलाफ उनके कथित बयानों और वैज्ञानिक चिकित्सा को "बदनाम" करने के लिए कानूनी नोटिस भेजा। इससे पहले इस मामले को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन अब इस मामले पर रामदेव के पतंजलि ट्रस्ट की तरफ से सफाई सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि रामदेव एक वॉट्सऐप मैसेज को लोगों के सामने पढ़ रहे थे।

आईएमए के साथ, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, सफदरजंग अस्पताल के आरडीए और अन्य चिकित्सा संस्थानों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से कोविड 19 उपचार को लेकर "जनता को गुमराह करने" के लिए रामदेव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वहीं भारतीय चिकित्सा संघ द्वारा लगाए गए उन आरोपों को पतंजलि योगपीठ ने शनिवार को खारिज किया है।
हरिद्वार स्थिति पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट ने एक बयान जारी कर कहा कि रामदेव चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों का 'बेहद सम्मान' करते हैं जो महामारी के ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में दिन-रात काम करते हैं। इसमें कहा गया कि वह "वह उन्हें और कार्यक्रम में भाग ले रहे कई अन्य सदस्यों को व्हाट्सऐप पर प्राप्त एक अग्रसरित संदेश पढ़ रहे थे। पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के महासचिव आचार्य बालकृष्ण के हस्ताक्षर वाले बयान में कहा गया, स्वामी जी की आधुनिक विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा पद्धति से चिकित्सा करने वालों के खिलाफ कोई गलत मंशा नहीं है। उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाया जा रहा है वह गलत व निरर्थक है।












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