कैप्टन अभिनंदन ने जिस मिग-21 से पाक के एफ-16 को मार गिराया था, अब होने जा रहा है रिटायर
नई दिल्ली, 19 सितंबर। तकरीबन साढ़े साल पहले जिस तरह से भारतीय वायुसेना ने सीमा पार जाकर अपने शौर्य का परिचय दिया था, उसे कोई भी भूल नहीं सकता है। आपको याद होगा जब पाकिस्तानी एफ-16 विमान ने भारतीय सीमा के भीतर घुसने की कोशिश की थी और 27 फरवरी 2019 को एलओसी पर भारत के लड़ाकू विमानों ने उसे खदेड़ा था,उसे कोई नहीं भूल सकता है। उस वक्त विंग कमांडर के पद पर तैनात अभिनंदन वर्धमान ने जबरदस्त साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर पाक के लड़ाकू विमान को गिरा दिया था।

30 सितंबर को होंगे 4 मिग-21 रिटायर
अभिनंदन उस वक्त मिग-21 में सवार थे और इसी से उन्होंने पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया था। अब भारतीय वायुसेना इस विमान को रिटायर करने जा रहा है। वायुसेना सेना के पास अब कुल चार मिग-21 बचे हैं जोकि काफी पुराने हो गए हैं, उन्हें अब भारती वायुसेना अपने बेड़े से हटाने जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार 30 सितंबर को श्रीनगर स्थित 51 स्क्वॉड्रन से रिटायर कर दिया जाएगा। वहीं पाकी के मिग-21 को 2025 में चरणबद्ध तरीके से रिटायर किया जाएगा।

कैप्टन अभिनंदन ने दिखाया था दम
अभिनंदन अब ग्रुप कमांडर के पद पर कार्यरत हैं उन्होंने जिस तरह से शौर्य और साहस का परिचय दिया था उसके लिए उन्हें वीर चक्र से नवाजा गया था। बता दें कि पाकिस्तान और भारत के लड़ाकू विमान के बीच यह टक्कर 26 फरवरी 2019 को पीओके में देखने को मिली थी। दरअसल भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान के बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की थी, उसके अगले ही दिन पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय वायुसेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था।

पुलवामा घटना के बाद भारतीय सेना ने दिया था जवाब
पुलवामा में आतंकियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर दिया था, इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जिसके जवाब में भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था। भारतीय सेना की इसी कार्रवाई के खिलाफ पाकिस्तान की वायुसेना ने भारत की सीमा में घुसने की कोशिश की थी, जिसका भारतीय वायुसेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था।

400 मिग हो चुके हैं हादसे का शिकार
बता दें कि कई मिग-21 विमान में पिछले कुछ समय में हादसे का शिकार हुए हैं। मिग-21 ने भारतीय वायुसेना में सबसे लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। लेकिन अब इसकी सुरक्षा को देखते हुए वायुसेना ने इसे आने वाले सालों में रिटायर करने का फैसला लिया है। वायुसेना को अपना पहला मिग-21 वर्ष 1963 में मिला था, उस वक्त सोवियत यूनियन से 874 वैरिएंट लिए गए थे। 400 से अधिक मिग-21 पिछले छह दशक में हादसे का शिकार हो चुके हैं, जिसमे 200 से अधिक पायलट की जान जा चुकी है। अब वायुसेना ने स्वदेशी लड़ाकू विमान जैसे तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को मिग 21 की जगह शामिल कर रहा है।












Click it and Unblock the Notifications