IAF चीफ को नहीं पसंद आया CDS रावत का 'सपोर्टिंग आर्म' वाला बयान, कहा- देश की रक्षा में हमारा अहम रोल

नई दिल्ली, 3 जुलाई: भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए एकीकृत संयुक्त सैन्य कमान के गठन की तैयारी चल रही है। इस बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत के एक बयान पर विवाद हो गया, जिसमें उन्होंने वायुसेना को बस एक सपोर्टिंग आर्म बताया, जैसे तोपखाने सेना में लड़ाकू हथियारों के लिए सपोर्ट करते हैं। अब इस मामले में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया का बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया कि वो सीडीएस के बयान से सहमत नहीं हैं। वायुसेना देश की एक महत्वपूर्ण शाखा है, जो अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है।

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    Bhadauria

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट मुताबिक एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि वायुसेना सिर्फ सहायक भूमिका में नहीं है। देश के लिए वायु शक्ति एक अलग ही जगह रखती है। युद्ध के दौरान ये सिर्फ सपोर्ट का मुद्दा नहीं है। जब भी कोई एयर प्लान बनता है, तो उसमें कई चीजों को शामिल किया जाता है और यही वो मुद्दे हैं जिन पर अभी चर्चा हो रही है। उनके मुताबिक जब सरकार ने सीडीएस का पद बनाया तो उसे बड़ा सुधार माना गया। इसी तरह एकीकृत कमांड सेंटर है, जो बहुत ज्यादा जटिल है।

    वायुसेना प्रमुख के मुताबिक उनकी ओर से बहुत से मुद्दे उठाए गए हैं, जो आंतरिक चर्चा में हैं। इस पर भी बात की जा रही कि इसे कैसे करना है। एकीकृत कमांड एक बड़ा सुधार है, जिसका महत्व युद्ध के वक्त पता चलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में हमारे पास पहले से ही एक कार्यात्मक प्रणाली है, लेकिन जब एकीकृत थिएटर कमांड की बात होती है, तो हमें अपनी व्यापक राष्ट्रीय शक्ति की रक्षा करने वाली क्षमता को अगल लेवल पर ले जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि भारतीय वायुसेना एकीकृत थिएटर कमांड के लिए प्रतिबद्ध है।

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