मैं राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनूंगा, क्योंकि मुझे पता है कि इसका नतीजा क्या होगा- शरद पवार
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार को विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलों को शरद पवार ने खुद ही विराम दे दिया है।
नई दिल्ली, 14 जुलाई। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच मंगलवार को हुई मुलाकात के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार को विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलों को शरद पवार ने खुद ही विराम दे दिया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा, 'यह बिल्कुल गलत है कि मैं राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनूंगा। मुझे पता है कि जिस पार्टी के पास 300 से ज्यादा सांसद हैं, उसे देखते हुए क्या नतीजा होगा। मैं राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं बनूंगा।'
उन्होंने आगे कहा कि प्रशांत किशोर मुझसे दो बार मिले, लेकिन हमने केवल उनकी एक कंपनी के बारे में बात की। 2024 के चुनाव या राष्ट्रपति चुनाव के लिए नेतृत्व के संबंध में कोई चर्चा नहीं हुई। प्रशांत किशोर ने मुझे बताया कि उन्होंने चुनावी रणनीति बनाने का क्षेत्र छोड़ दिया है।
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एनसीपी नेता ने कहा कि अभी तक कुछ भी तय नहीं किया गया है, चाहे 2024 के आम चुनाव हों या राज्य के चुनाव। चुनाव दूर है, राजनीतिक हालात बदलते रहते हैं। मैं 2024 के चुनावों में कोई नेतृत्व नहीं संभालने जा रहा हूं।बता दें कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर शरद पवार को आगे कर बीजेपी को छटका देने की तैयारी में हैं। उनका मानना है कि यदि विपक्ष साथ आ जाए तो शरद पवार अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं। इसको लेकर प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी मुलाकात की। प्रशांत किशोर का मानना है कि यदि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक विपक्ष के साथ आ गए तो बीजेपी की मोर्चेबंदी की जा सकती है।
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बता दें कि देश के सबसे बड़े संवैधानिक पद के चुनाव के लिए विपक्ष बीजेपी को घेरने की रणनीति बना रहा है।
संजय राउत ने भी किया समर्थन
शिवसेना नेता संजय राउत ने भी शरद पवार को राष्ट्रपति पद का उम्मीवार बना का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि शरद पवार के अलावा विपक्ष के पास मोदी से लड़ने के लिए कोई नेता नहीं है।गौरतलब है कि साल 2022 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल समाप्त होगा, ऐसे में देश को एक नए राष्ट्रपति की तलाश होगी।












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