रूस-यूक्रेन जंग में हैदराबाद के बेटे की मौत, धोखे से सेना में भर्ती कराया, ओवैसी से परिवार ने लगाई थी गुहार
रूस-यूक्रेन जंग में धोखे से रूसी सेना में भर्ती किए गए एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। बुधवार को भारतीय दूतावास ने यह जानकारी साझा की है। खास बात यह है कि मृतक के परिवार ने बेटे को वापस लाने के लिए AIMIM नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी से संपर्क भी किया था।
ओवैसी ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर को तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के पुरुषों के बारे में अवगत कराया था कि धोखे से युवाओं को युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था। आइए जानते हैं कौन है ये भारतीय?

30 साल के मृतक भारतीय नागरिक मोहम्मद अफसान हैदराबाद का निवासी था। उनकी पत्नी और दो बच्चे हैदराबाद में ही रहते हैं। लगभग दो दर्जन धोखे से रूस की सेना में भर्ती किए गए भारतीयों में से एक अफसान के परिवार ने पिछले महीने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद ओवैसी ने विदेश मंत्रालय से संपर्क भी किया था। 29 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रूस में फंसे कम से कम 20 भारतीयों ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया है और सरकार उन्हें वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है।
भारतीय दूतावास ने मौत की पुष्टि की
वहीं, बुधवार को भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में, रूस में भारतीय दूतावास ने हैदराबाद के मोहम्मद असफान की मौत की पुष्टि की। कहा कि हमें एक भारतीय नागरिक श्री मोहम्मद असफान की दुखद मौत के बारे में पता चला है। हम परिवार और रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं। मिशन उनके पार्थिव शरीर को भारत भेजने का प्रयास करेगा।
गुजरात के युवक की भी मौत
आपको बता दें कि इससे पहले, गुजरात के सूरत निवासी हेमिल अश्विनभाई मंगुकिया की यूक्रेन में मौत की खबर आई थी। इसे भी रूसी कंपनी में भर्ती कराया गया था। मरने के कुछ घंटे पहले ही हेमिन ने अपने घरवालों को धोखे से भर्ती कराने वाली बात अपने परिवार से साझा की थी।
मृतक के साथ UP और जम्मू से भी युवक गए थे
साउथ फर्स्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अफसान के भाई इमरान ने बताया कि अफसान के साथ दो अन्य लोग भी थे। जिसमें एक 34 साल और एक 23 साल का, जो उत्तर प्रदेश के कासगंज और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के रहने वाले थे। तीनों पिछले साल नवंबर में संयुक्त अरब अमीरात में शारजाह के रास्ते चेन्नई से मास्को के लिए एक साथ निकले।
हेल्पर की नौकरी का झांसा देकर रूसी सेना में कराया भर्ती
अफसान के भाई इमरान ने बताया कि बाबा व्लॉग्स के फैसल खान के संपर्क में आने के बाद वे सभी पिछले साल 12 नवंबर को रूस पहुंचे। फैसल खान दुबई में एक कार्यालय चलाता है, जबकि उसके सहयोगी सुफियान और पूजा मुंबई में एक कार्यालय से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे भाई समेत उन तीनों ने फैसल के सहयोगियों से संपर्क किया और उन्हें 'हेल्पर' की नौकरी के बारे में बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठगों ने हर एक से 3 लाख रुपए भी लिए, इसके अलावा कम से कम 1.05 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च भी लिया। भाई ने लोन लेकर यह रकम का इंतजाम किया और हमें भनक तक नहीं लगने दी। इमरान ने पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को कम से कम 10 अलग-अलग 'अनुरोध पत्र' लिखकर अफसान को बचाने में मदद मांगी थी।












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