2047 तक भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कैसे होगा सबसे आगे? DRDO के अध्यक्ष ने बताया
भारत को रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए हाल के कुछ वर्षों में कई बड़े कदम उठाए हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन नई तकनीकी की कई मिसाइलों को अपग्रेड करने के साथ रक्षा से जुड़ी कई अहम तकनीकी कम कर रहा है। डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने इस बात जोर दिया कि सामरिक क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के अपेक्षाओं के मुताबिक आत्मनिर्भर भारत के तहत देश रक्षा प्रौद्योगिकी की दिशा में तेजी से विकास कर रहा है। कामत ने दावा किया कि रफ्तार अगर ऐसी ही रही तो 2047 तक रक्षा तकनीकी की क्षेत्र में भारत दुनिया में सबसे आगे निकल जाएगा।
भारत अपनी रक्षा क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ डिफेंस सिस्टम की मजबूती के लिए लगातार कदम बढ़ा रहा है। हाल ही में भारत ने कई बड़ी रक्षा डील की है। जिसमें दुनिया की सबसे बेहतरीन वायु रक्षा प्रणाली में से एक एस-400 मिसाइलों का सौदा भी शामिल हैं। एस-400 मिसाइल सिस्टम भारतीय वायुसेना के बेड़े में सबसे शक्तिशाली हथियार बताया जा रहा है। हलांकि भारत ने अमेरिका के विरोध को दरकिनार कर ये सौदा किया है।

ऐसे में डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत का बयान अहम है। उन्होंने रविवार को कहा, " भारत को उन सभी रक्षा प्रणालियों को बनाने के लिए तैयार रहना चाहिए जिनकी हमारी सेवाओं को युद्ध लड़ने के लिए आवश्यकता है। हमें इन प्रणालियों को देश के भीतर बनाने के लिए तैयार रहना होगा और निर्भरता भी सुनिश्चित करनी होगी। विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता न्यूनतम करनी होगी। पीएम मोदी ने आह्वान किया है कि हमें जल्द से जल्द आत्मनिर्भर बनना चाहिए...इस दिशा में हम और आगे बढ़े तो वर्ष 2047 भारत दुनिया के देशों में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे आगे हो जाएगा।"












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