कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट फर्जी है या असली? इस आसान तरीके से करें चेक
नई दिल्ली, 14 जून। कोरोना वायरस का वैक्सीन लगाए जाने के बाद कोविन पोर्टल पर आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाता है जिसमे आपको वैक्सीन लग जाने का प्रमाण होता है। इस सर्टिफिकेट में कई जानकारी दर्ज होती है जैसे मरीज का नाम, उम्र, आईडी आदि। साथ ही इसमे एक क्यूआर कोड भी छपा होता है। यह क्यूआर कोड सर्टिफिकेट में छपा होता है जिसके जरिए आप इसका सत्यापन कर सकते हैं कि आपको वैक्सीन लग गई है। लिहाजा कोई भी इस क्यूआर कोड के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता है और फर्जी सर्टिफिकेट तैयार नहीं कर सकता है।
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दिलचस्प बात यह है कि सरकार की ओर से इस सर्टिफिकेट की सत्यता की जांच के लिए एक और फीचर को जोड़ा गया है। यह फीचर उन लोगों के लिए काफी मददगार हो सकता है जोकि बिजनेसमैन हैं, ऑफिस में हैं या फिर सामान्य व्यक्ति। उदाहरण के तौर पर अगर किसी शोरूम को सिर्फ उन्ही लोगों को एंट्री देनी है जिन्हे कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है तो शोरूम सरकार की वेबसाइट का इस्तेमाल करके आसानी से उन लोगों की पहचान कर सकता है जिन लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवा ली है। अच्छी बात यह है कि इसे किसी भी स्मार्ट फोन के जरिए आसानी से सत्यापित किया जा सकता है। लिहाजा फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करना किसी के लिए आसान नहीं होगा।
कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट का कैसे करें सत्यापन
इसके लिए आपको एक स्मार्ट फोन या फिर लैपटॉप वेब कैमरे के साथ चाहिए होगा, साथ ही इंटरनेट कनेक्शन की भी जरूरत होगी।
पहला चरण- कोविन की वेबसाइट पर जाए- https://verify.cowin.gov.in/
दूसरा चरण- स्कैन क्यू आर कोड पर क्लिक करें
तीसरा चरण- क्यूआर कोड को कैमरे के सामने लाए जो सर्टिफिकेट पर छपा है
चौथा चरण- सफल वेरिफिकेशन होने पर सामने लिखकर आएगा "Certificate Successfully Verified"
पांचवा चरण- अगर सर्टिफिकेट फर्जी है तो "Certificate Invalid" लिखकर आएगा












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