कैसे लूप लाइन पर चली गई कोरोमंडल एक्सप्रेस, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

Balasore train accident: 12864 कोरोमंडल एक्सप्रेस हावड़ा से चेन्‍नई जा रही थी और शुक्रवार की शाम बालासोर में हादसे का शिकार हुई, ये हादसा क्‍यों हुआ इसको लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

Balasore train accident

Balasore train accident: बीते सप्‍ताह का फ्राइडे 'ब्लैक फ्राइडे' साबित हुआ, क्‍योंकि उस दिन देर शाम ओडिशा के बालासोर के पास हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे में कई घरों का चिराग बुझ गया। इस भाीषण रेल दुर्घटना में 275 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक लोग घायल हो गए।

ओडिशा के बालासोर में जहां ये हादसा हुआ वहां पर बिछी रेल की पटरियों की मरम्मत के बाद ट्रैक बहाल होते ही फिर से ट्रेन उसी रफ्तार से सरपट दौड़ना शुरू हो चुकी है, लेकिन इस हादसे में कई ऐसे परिवार हैं जो अभी भी उन अपनों की तलाश कर रहे हैं जो इस मौत की ट्रेन 'कोरोमंडल एक्‍सप्रेस' में सवार थे। वहीं अब कोरोमंडल एक्‍सप्रेस ट्रेन कैसे अपनी पटरी से हटकर लूप लाइन में चली गई, इसको लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है।

कोरोमंडल ट्रेन के ड्राइवर को बताया गया 'बेगुनाह'

पहले बता दें शुक्रवार को घटी रेल दुर्घटना में कोरोमंडल एक्‍सप्रेस ट्रेन चला रहे लोको ड्राइवर को इस घटना में जांच कर रही टीम ने क्‍लीन चिट दे दी है। जांच टीम में शामिल रेलवे के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोरोमंडल एक्‍सप्रेस का जब एक्‍सीडेंट हुआ तो ये तेज गति से नहीं चल रही थी, उसे लूप लाइन में एंट्री के लिए हरी झंडी मिल गई थी जिस पर पहले से एक मालगाड़ी खड़ी थी, इसलिए ट्रेन का ड्राइवर इस दर्दनाक एक्‍सीडेंट के लिए जिम्‍मेदार नहीं है।

क्‍या क्रॉसिंग पर चल रही मरम्मत के कारण हुआ ये हादसा?

सवाल उठ रहा है कि तो क्‍या ओडिशा के बालासोर में बहनागा बाजार रेलवे स्‍टेशन के पास की लेवल क्रॉसिंग पर बैरियर की मरम्मत के कारण हावड़ा से चेन्‍नई जा रही कोरोमंडल एक्‍सप्रेस लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकराने के कारण एक्‍सीडेंट का शिकार हुई?

रेल अधिकारियों ने पहचान छिपाते हुए बताई ये बात

इस रेल हादसे को लेकर रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने अपनी पहचान छिपाते हुए खुलासा किया कि लेवल क्रॉसिंग गेट और बैरियर सभी इलेक्ट्रॉनिक इंटरकनेक्टेड सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़े होते हैं ये ट्रेनों के आवागमन को ऑटोमैटिक रूप से कंट्रोल करते हैं ताकि तेज स्‍पीड वाली ट्रेनों को छोटे स्टेशनों पर मेन लाइनों के जरिए आगे बढ़ाया जा सकें।

चौंंकाने वाला किया ये खुलासा

रेलवे के अधिकारियों ने संभावना जताई कि बूम बैरियल की मरम्‍मत के कारण रिले और नेटवर्क जोड़ने वाले सर्किट ब्रेक भी हो सकता है, जिस वजह से सिग्नल में 'ग्रीन' टर्निंग की गड़बड़ी हो गई हो। ग्रीन लाइन की गड़बड़ी के कारण कोरोमंडल एक्‍सप्रेस को आगे बढ़ने दिया। यूनिट ने ट्रेन को बगल की लूप लाइन पर ट्रांसफर कर दिया था जहां पहले से लोहे से लदी मालगाड़ी खड़ी थी।

सर्किट ब्रेक होने पर हो सकती है ये गड़बड़

रेल अधिकारियों का मानना है कि लेवल क्रॉसिंग पर बूम बैरियर की मरम्मत से रिले और नेटवर्क को जोड़ने वाले सर्किट में ब्रेक हो सकता है जिसके कारण ये गड़बड़ हो सकती है।

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