झारखंड विधानसभा चुनाव: कितनी रंग लाएगी प्रदेश को पर्यटन हब बनाने की रघुबर सरकार की कोशिश
नई दिल्ली- झारखंड में रघुबर दास की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने पिछले पांच वर्षो में राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में चौतरफा विकास का दावा किया है। इस दौरान राज्य में पर्यटक क्षेत्रों से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं में व्यापक सुधार किया गया है। सरकार का दावा है कि इन्हीं कोशिशों की वजह से पिछले कार्यकाल में ही राज्य की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों की तादाद में करीब पौने तीन सौ फीसदी का इजाफा हुआ है।

पर्यटन विभाग
2014 तक 45,995 विदेशी पर्यटक झारखंड यात्रा पर आए, जिनकी संख्या 2017 में बढ़कर 1,70,987 पहुंच गई। इस दौरान पर्यटकों की संख्या में हुआ इजाफा 271.75 प्रतिशत दर्ज किया गया।
धार्मिक पर्यटन की बात करें तो मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से अब तक सभी धर्मों के 9,000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को देश के विभिन्न तीर्थस्थलों का की मुफ्त तीर्थयात्रा करवाई गई है। प्रदेश सरकार ने श्रावणी मेले समेत राज्य के अन्य मेलों को राजकीय मेले का दर्जा दिया है। बाबा बैद्यनाथ धाम में क्यू कॉम्प्लेक्स और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
झारखंड में दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप बनाया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। इसके अलावा राज्य में बौद्ध सर्किट का भी विकास किया जा रहा है। पर्यटक स्थलों के संचालन का कार्य स्थानीय समितियों को दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। मलूटी में स्थित स्थापत्य कला के दुर्लभ मंदिरों का संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में हर जिले में स्थानीय मंदिरों के महोत्सव का आयोजन किया गया है।
रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल को संग्रहालय के रूप में विकसित किया गया है और इसमें भगवान बिरसा मुंडा की 25 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित की जा रही है। संथालों के प्रमुख तीर्थ लुगुबुरू पहाड़ पर लगने वाले मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है।
पतरातू में डैम के पास के क्षेत्र को विकसित कर सुविधाओं का विस्तार किया गया है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग, रेस्ट हाउस, रेस्तरां आदि शुरू किये गए हैं।












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